अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के माहौल में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई का नया बयान सामने आया है, उन्होंने इस्लामी देशों से एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है। खामेनेई ने कहा कि वे पूरी निष्ठा और सकारात्मक भावना के साथ सभी मुस्लिम देशों और उनकी सरकारों को भाईचारे, सहयोग और भलाई के कार्यों में साथ आने का निमंत्रण देते हैं, ताकि इस्लामी दुनिया की चुनौतियों का मिलकर समाधान निकाला जा सके और उम्माह की तरक्की सुनिश्चित हो सके।

अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को दी चेतावनी

अपने बयान में उन्होंने अमेरिका को भी कड़ी चेतावनी दी। खामेनेई ने कहा कि अब पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखे नारे लगाते हुए मुस्लिम देशों से एकजुट रहने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने दुनिया भर के उत्पीड़ित लोगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने की बात कही।

खामेनेई के सख्त और कट्टर रुख की दिखाई साफ झलक

खामेनेई के कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी पोस्ट में कहा गया कि इतिहास पीछे नहीं लौटता और अब मध्य-पूर्व के देश अमेरिका के सैन्य ठिकानों के लिए सुरक्षा कवच नहीं बनेंगे। पोस्ट में दावा किया गया कि अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी रणनीतियों और सैन्य मौजूदगी के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिलेगा। इस बयान से मोजतबा खामेनेई के सख्त और कट्टर रुख की झलक साफ दिखाई दी।

खामेनेई ने मुस्लिम देशों से की अपील

खामेनेई ने मुस्लिम देशों से यह भी अपील की कि हज के मौजूदा मौसम को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ वैश्विक विरोध दर्ज कराने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया जाए। अपने संबोधन में उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई की मौत को “दैवीय पुनर्जागरण” बताया। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की कथित संयुक्त कार्रवाई में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। उसी हमले में वे भी घायल हुए थे और तब से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं।

Written By Toshi Shah