उत्तर प्रदेश के लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस अधिकारी अपनी मां को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। यूपी के अंबेडकर नगर में आईपीएस आशुतोष मिश्रा की मां की मौत का खुलासा हत्या और हार्ट अटैक के बीच उलझ कर रह गया है। दरअसल अंबेडकरनगर पुलिस ने किसी तरह की लूट होने के दावे को खारिज कर दिया था। मामले में आईपीएस द्वारा दर्ज कराई शिकायत को झूठी कहानी बता दिया गया। एसपी प्राची सिंह ने भी बयान दिया कि मौत सामान्य है, शरीर से गायब ज्वेलरी मिल गई है। मृतका के IPS बेटे ने एसपी की दोनों ही बात को झूठ बताया। आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने मामले में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों की पुष्टी नहीं हुई है और ना ही ज्वेलरी बरामद हुई है।
एसपी ने दिया था बयान
आईपीएस आशुतोष मिश्रा का इस पूरे मामले में कहना है कि अगर मेरी मां की ज्वेलरी मिल गई है, तो अंबेडकर नगर पुलिस मेरे घर पर रेड डालकर उसे बरामद कर ले। क्योंकि यह घटना सीधे तौर पर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। एसपी के बयान ने जहां इस पूरे मामले का खुलासा किया। तो वहीं दूसरी तरफ आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने अपनी मां के शरीर से गायब गहनों की बात को उजागर कर दिया जो अभी तक बरामद हुए ही नहीं, क्योंकि आईपीएस आशुतोष मिश्रा अंबेडकरनगर पुलिस द्वारा कीगई अभी तक की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
आज दिनांक 16.8.2026 को दिन में 1:13 बजे रमेश चंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति ने थानाध्यक्ष मालीपुर को यह सूचना दी की ग्राम रूढ़ा धमरुआ के रहने वाले श्री आशुतोष मिश्रा जी की माता जी का सुबह 8:00 बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया है, उसके पश्चात लगभग 2:30 बजे आशुतोष मिश्रा जी ने बताया कि… pic.twitter.com/tNJTUyrmS5
— AMBEDKARNAGAR POLICE (@ambedkarnagrpol) August 16, 2026
पत्रकारिता और पुलिसिया कार्रवाई दोनों को दिखाया आईना
आईपीएस आशुतोष मिश्रा मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर भी भड़क गए। आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने कहा कि- ये सुधर जाएं तो देश सुधर जाए। आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माने तो मीडिया के पास न तो पुलिस की रिपोर्ट है न घर आकर कोई पूछताछ की। फिर यह लोग कैसे चला रहे हैं कि जेवरात बरामद हो गए। आईपीएस आशुतोष मिश्रा द्वारा दर्ज FIR में लिखा है, मां के मुंह में कपड़ा ठूंसकर हत्या की गई। जेवरात लूट लिए गए। लेकिन कुछ समाचार चैनल इसे हत्या और लूट की झूठी कहानी बता रहा है। यहां सीधे तौर पर आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने पत्रकारिता की सच्चाई व पुलिसिया कार्रवाई दोनों को आईना दिखा दिया है।
क्या था पूरा मामला
मालीपुर के धवरुआ के मजरे रुढा निवासी आईपीएस आशुतोष मिश्रा की तैनाती वर्तमान समय में लखनऊ पुलिस मुख्यालय में है। 15 अगस्त पर वह मां के साथ गांव के इंटर कॉलेज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में गए थे। जहां से इनकी मां घर पर रुक गई। रविवार की सुबह जब घर में काम करने वाली महिला अंदर आई तो आईपीएस की मां बेड पर मृत मिली। इसपर आईपीएस ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। मां की सोने की चेन, तुलसी की माला, कान के टॉप्स, नाक की कील गायब होने की बात लिखी थी। पुलिस ने इसके आधार पर लूट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच की। एसपी ने मामले का खुलासा किया लेकिन पुलिस ने इस पूरे मामले में गुत्थी सुलझाने की बजाय और ज्यादा उलझा दी है। पुलिस ने घर में काम करने वाली एक महिला और उसके परिवार के सदस्यों से कई घंटे पूछताछ की। लेकिन इस पूछताछ में पुलिस के हाथ खाली रहे।
क्या बोले आईपीएस आशुतोष मिश्रा
दरअसल बीते दिन आईपीएस आशुतोष मिश्रा का मीडिया पर गुस्सा देखने को मिला। आईपीएस के मुताबिक बगैर विसरा जांच और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट के मौत को हार्ट अटैक करार देने वाली खबर गलत है। आईपीएस की माने तो उनकी मां के मुंह में तौलिया ठूसा था, चेहरे पर चोट और खून के निशान थे जेवरात भी गायब थे। आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने आला अधिकारियों पर भरोसा जताते हुए एडीजी और डीआईजी से चर्चा की है और इस मामले के खुलासे के लिए अपनी विशेष टीम लगाने का निवेदन भी किया है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का परिवार ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों की सुरक्थषा को लेकर चिंता होना बहुत बड़ा मुद्दा है।
यह भी पढ़ें: झारखंड में सोरेन सरकार का बड़ा एक्शन! 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द, CID/SIT जांच के बाद जारी हुई लिस्ट
Written By: MADHVI TANWAR