नई दिल्ली: भारत और सिंगापुर ने चौथी मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक (Ministerial Roundtable) के दौरान अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई नए क्षेत्रों की पहचान की है। दोनों देशों ने ग्रीन इकोनॉमी, औद्योगिक पार्क, फिनटेक, सेमीकंडक्टर और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि बैठक में भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलाइजेशन, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता जैसे छह प्रमुख स्तंभों पर चर्चा की।

बैठक में दोनों पक्षों ने नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इनमें ग्रीन इकोनॉमी, इंडस्ट्रियल पार्क, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक, सेमीकंडक्टर और ग्रीन शिपिंग प्रमुख रहे।

प्रतिनिधिमंडल में चार मंत्री शामिल

भारत की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हुए। वहीं सिंगापुर की ओर से उप प्रधानमंत्री गन किम योंग, वरिष्ठ मंत्री के. शनमुगम, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन टेओ और परिवहन मंत्री जेफ्री सिओ शामिल रहे।

दोनों देशों ने भारत-सिंगापुर सहयोग के तहत कई उपलब्धियों पर भी चर्चा की। इनमें UPI-PayNow कनेक्ट के लेनदेन में बढ़ोतरी, भारत की जेनेरिक दवाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया, भारत से लीची, आम, चेरी और प्लम के निर्यात में वृद्धि और सिंगापुर में भारतीय प्रसंस्कृत पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात को मंजूरी शामिल है।

नवंबर में होगा चौथा सिंगापुर-भारत हैकाथॉन

इसके अलावा चेन्नई में नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग (NCOE) के विकास, नवंबर 2026 में होने वाले चौथे सिंगापुर-भारत हैकाथॉन, सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए ग्रीन लेन पहल, ग्रीन हाइड्रोजन सप्लाई चेन और बेंगलुरु में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन कार्यालय खोलने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

भारत-सिंगापुर के संबंधों को मजबूत करने पर सहमति

बैठक में दोनों देशों ने भारत के राज्यों और सिंगापुर के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके लिए भारतीय मुख्यमंत्रियों की नियमित सिंगापुर यात्राओं को बढ़ावा देने की बात कही गई।

भारत के FSSAI और सिंगापुर फूड एजेंसी (SFA) के बीच खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। इससे कृषि और खाद्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

समुद्री विरासत सहयोग को लेकर समझौता

इसके अलावा भारत के पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय तथा सिंगापुर के संस्कृति, समुदाय और युवा मंत्रालय के बीच समुद्री विरासत सहयोग को लेकर भी समझौता हुआ। इसके तहत भारत के गुजरात स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स, लोथल समेत कई संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ेगा।

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बैठक के दौरान भारत और सिंगापुर के नेताओं ने दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत-सिंगापुर संबंधों को सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था।