ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध ने पश्चिम एशिया को गंभीर संकट में डाल दिया है। इस संघर्ष में सबसे अधिक प्रभावित देशों में ईरान और लेबनान शामिल हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस युद्ध में मरने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या इजराइल और अमेरिका के नागरिकों से भी अधिक बताई जा रही है। यहां तक अब तक 25 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि अमेरिका के 13 और इजराइल के 24 नागरिक इस संघर्ष में जान गंवा चुके हैं।

कतर के रास लाफान क्षेत्र पर हुए हमले में 12 भारतीय नागरिकों की मौत

सोमवार, 22 जून को कतर के रास लाफान क्षेत्र पर हुए हमले में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। यह घटना भारतीय समुदाय के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई है। इसके अलावा होर्मुज क्षेत्र में छह भारतीय नागरिकों की मौत हुई, जिनमें से 3 अमेरिकी हमले का शिकार बने थे। इस घटना पर भारत ने अमेरिका के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत कर भारत की नाराजगी व्यक्त की थी।

खाड़ी देशों में भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल

इसके अतिरिक्त कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी कई भारतीय नागरिक युद्ध संबंधी हमलों में मारे गए हैं। इन घटनाओं ने खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारतीयों की अधिक मौतों के पीछे कई कारण

सूत्रों के अनुसार भारतीयों की अधिक मौतों के पीछे कई कारण हैं। पहला, खाड़ी देशों में भारतीयों की आबादी बहुत बड़ी है। UAE में लगभग 43 लाख, सऊदी अरब में 27 लाख, कुवैत में 10 लाख और कतर में करीब 8 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं। दूसरा, रास लाफान और होर्मुज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार और समुद्री कर्मचारी तैनात हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज में फंसे 550 जहाजों पर 18 हजार से अधिक भारतीय कर्मचारी कार्यरत हैं।

भारतीय नागरिकों की मौतों के लिए कौन जिम्मेदार?

भारतीय नागरिकों की मौतों के लिए मुख्य रूप से ईरानी हमलों को जिम्मेदार माना जा रहा है, क्योंकि आधे से अधिक मौतें ईरान द्वारा किए गए हमलों में हुई हैं। वहीं 3 भारतीयों की मौत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में हुई। हालांकि ईरान और अमेरिका दोनों का कहना है कि इन नागरिकों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि वे युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद थे।

Written By: Geeta Sharma