होर्मुज में व्यापारिक जहाजों पर हमला निंदनीय है। यूएई के झंडे वाले दो जहाज, एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हमला चिंता का विषय है। इन दोनों जहाजों के 46 चालक दल के सदस्यों में 30 भारतीय नाविक सवार थे। जिसमें एमटी अल बहियाह पर सवार 12 भारतीय नागरिकों में से एक की मौत इस हमले में हुई है।

हम पश्चिम एशिया क्षेत्र में हमलों के दोबारा शुरू होने और शत्रुता बढ़ने पर भी गहरी चिंता दोहराते हैं। वहीं तत्काल हिंसा रोकने और क्षेत्र में शांति सुरक्षा और स्थिरता के हित में संवाद और कूटनीति की राह पर लौटने का आह्वान करते हैं। इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए। जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित नौवहन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।

UAE ने क्या कहा?

हम इस हमले की कड़ी निंदा करते है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और ये क्षेत्र की सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। हम अपनी संप्रभुता, स्थिरता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखते हैं। हम किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता बनाए हुए हैं। साथ ही यूएई की सुरक्षा कमजोर करने की किसी भी कोशिश का निर्णायक जवाब देने के लिए जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। साथ ही हम ईरानी हमले का जवाब देने को भी तैयार हैं।

ईरानी सेना टैंकरों को क्योंकि किया निष्क्रिय

ईरानी सेना ने नियमों का उल्लंघन करने वाले टैंकरों को निशाना बनाकर निष्क्रिय कर दिया। क्योंकि इन टैंकरों ने समुद्री सुरक्षा के संबंध में हमारी चेतावनियों का पालन नहीं किया और दोनों जहाजों ने जानबूझकर अपने नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिए थे। ये दोनों जहाज खतरनाक रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका ऐसे जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए अवैध रास्ते का उपयोग करने को प्रोत्साहित कर रहा है।

Written By: Geeta Sharma