India-Nepal Relations: भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाल ने विशेष सम्मान दिया है। बता दें कि नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने काठमांडू स्थित शीतल निवास में आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में उन्हें नेपाली सेना के मानद जनरल की उपाधि प्रदान की। यह सम्मान भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य संबंधों और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

जनरल धीरज सेठ नेपाली सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रविवार को नेपाल पहुंचे थे। उनकी यात्रा 19 अगस्त तक है।

1950 से चली आ रही खास परंपरा
भारत और नेपाल के बीच एक अनोखी सैन्य परंपरा वर्ष 1950 से चली आ रही है। इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि प्रदान करते हैं। इस परंपरा के तहत अब नेपाल ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को सम्मानित किया है। समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव और दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य एवं सरकारी अधिकारी मौजूद रहे।

नेपाली सेना प्रमुख से भी की मुलाकात
जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय में अपने समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्देल से मुलाकात की। दोनों सैन्य प्रमुखों ने आपसी हित से जुड़े मुद्दों और दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सैन्य सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। भारतीय दूतावास के मुताबिक, जनरल सेठ की यात्रा भारत और नेपाल के बीच साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और लंबे समय से कायम सैन्य संबंधों पर आधारित रक्षा साझेदारी को और मजबूत करती है।

नेपाली सेना को सौंपे सैन्य और चिकित्सा उपकरण
जनरल धीरज सेठ ने सोमवार को नेपाली सेना को कुछ सैन्य और चिकित्सा उपकरण भी सौंपे। नेपाली सेना मुख्यालय परिसर में उन्होंने पौधारोपण किया और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया। नेपाली सेना ने उम्मीद जताई कि भारतीय सेना प्रमुख की यात्रा से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, सहयोग और समन्वय और मजबूत होगा।

भारतीय राजदूत से भी मुलाकात
जनरल सेठ ने नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की। दोनों ने भारत और नेपाल के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

पोखरा में पूर्व सैनिक रैली में होंगे शामिल
नेपाल यात्रा के अंतिम दिन जनरल धीरज सेठ पोखरा में पूर्व सैनिक रैली में शामिल होंगे। इस दौरान वह वीर नारियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित करेंगे और भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से संवाद करेंगे। इसके बाद बुधवार को ही उनके भारत लौटने की योजना है।

‘रोटी-बेटी’ के रिश्ते को मिली नई मजबूती
भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दोनों देशों के रिश्तों को अक्सर ‘रोटी-बेटी का रिश्ता’ कहा जाता है। जनकपुर-अयोध्या और लुंबिनी-बोधगया जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी दोनों देशों के संबंधों को खास बनाते हैं। जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना का मानद जनरल बनाया जाना इसी पुराने भरोसे और मजबूत सैन्य साझेदारी की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

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Written by Shailesh Yadav