स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हाल के घटनाक्रमों को लेकर भारत और अमेरिका के बीच मतभेद उभरते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में लागू अपनी नाकेबंदी के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने ओमान के तट के पास तेल टैंकरों पर हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी।
अमेरिकी राजनयिक को दो बार बुलाया गया
इस सप्ताह भारत ने अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को दो अलग-अलग मौकों पर विदेश मंत्रालय में तलब किया। पहली बार उन्हें उस हमले के बाद बुलाया गया जिसमें ओमान तट के निकट पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो को निशाना बनाया गया था और तीन भारतीय नागरिकों की मृत्यु हो गई थी। दूसरी बार तब बुलाया गया जब उसी समुद्री क्षेत्र में एक अन्य व्यापारी जहाज पर हमला हुआ। उस जहाज पर 20 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। भारत ने दोनों घटनाओं को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की।
जयशंकर–रुबियो वार्ता पर अमेरिकी बयान
लगातार राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराए जाने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। इसके पश्चात अमेरिकी पक्ष ने इस चर्चा का आधिकारिक विवरण जारी किया। अमेरिकी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उत्पन्न हालिया स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
अमेरिकी पक्ष ने क्या कहा?
वॉशिंगटन की ओर से जारी जानकारी में कहा गया कि क्षेत्र में शांति और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी बलों द्वारा दिए गए निर्देशों का तुरंत पालन करना चाहिए। साथ ही अमेरिका ने यह भी दोहराया कि उसकी नाकेबंदी को दरकिनार करने या ईरानी तेल क अवैध परिवहन को वह किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
भारत ने दोहराई अपनी आपत्ति
बातचीत के बाद एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई पर भारत की आपत्ति स्पष्ट रूप से रखी। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अभियान के दौरान भारतीय नाविकों की मौत अत्यंत गंभीर विषय है और वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाइयों को उचित नहीं माना जा सकता।
Written By Toshi Shah