भारत ने पाकिस्तान द्वारा गिलगित-बाल्तिस्तान क्षेत्र में विधानसभा चुनाव आयोजित करने की प्रस्तावित योजना का विरोध करते हुए इस्लामाबाद के समक्ष औपचारिक और कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि यह क्षेत्र उसका अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।
विदेश मंत्रालय ने कही ये बात
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि गिलगित-बाल्तिस्तान सहित पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अविभाज्य अंग है। मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत में विधिवत और अंतिम विलय के बाद यह क्षेत्र भारत का हिस्सा बन गया था और इसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा 7 जून को तथाकथित गिलगित-बाल्तिस्तान विधानसभा के लिए चुनाव कराने की योजना भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन है। भारत ने इस कदम को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए पाकिस्तान से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
विदेश मंत्रालय ने आरोप पर लगाया आरोप
विदेश मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ऐसे चुनावी आयोजनों के माध्यम से उन गंभीर समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहा है, जिनका सामना उसके कब्जे वाले क्षेत्रों के लोग कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, इन इलाकों में मानवाधिकारों के उल्लंघन, राजनीतिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध, आर्थिक शोषण और नागरिक अधिकारों से वंचित किए जाने जैसी चिंताजनक स्थितियाँ मौजूद हैं।
‘कब्जे वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक या राजनीतिक बदलाव को मान्यता नहीं’
भारत ने दोहराया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के प्रशासनिक या राजनीतिक बदलाव को वह मान्यता नहीं देता। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे कदम वास्तविक स्थिति को नहीं बदल सकते और पाकिस्तान का भारतीय क्षेत्रों पर कब्जा अवैध है। भारत का रुख है कि पाकिस्तान को इन क्षेत्रों को खाली करना चाहिए।
Written By Toshi Shah