India NOTAM Indian Ocean: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के बाद अब भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। बता दें कि भारत की ओर से हिंद महासागर में 2530 किलोमीटर के लंबे समुद्री और हवाई गलियारे के लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया गया है। यह नोटिफिकेशन 6 और 7 अगस्त को प्रभावी रहेगा। रक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत इस दौरान किसी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) का परीक्षण कर सकता है। हालांकि, नई दिल्ली या रक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
चीन के 'रिसर्च' का भारत की ओर से माकूल जवाब!
यह घटनाक्रम रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आमतौर पर भारत अग्नि या अन्य मिसाइलों के परीक्षण के लिए बंगाल की खाड़ी में NOTAM जारी करता है, लेकिन इस बार का केंद्र हिंद महासागर है। गौरतलब है कि हिंद महासागर वही क्षेत्र है. जहा्ं पिछले कुछ वर्षों से चीन की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। चीन अक्सर 'रिसर्च एंड डेवलपमेंट' (R&D) के नाम पर अपनी आधुनिक जासूसी पनडुब्बियों और अत्याधुनिक जहाजों को यहाँ तैनात करता रहा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के विपरीत, बीजिंग कभी भी इन जहाजों की आवाजाही की पूर्व सूचना साझा नहीं करता। ऐसे में भारत का यह नया NOTAM चीन की इस अवांछित मौजूदगी को सीधे तौर पर एक कड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
क्या होता है NOTAM?
सुरक्षा कारणों से जारी किए जाने वाले इस नोटिस का मुख्य उद्देश्य किसी विशिष्ट क्षेत्र में नागरिक और व्यावसायिक उड़ानों के साथ-साथ जहाजों की आवाजाही को रोकना होता है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। रक्षा मानकों के अनुसार, 2530 किलोमीटर की दूरी मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों (Medium-Range Missiles) की श्रेणी में आती है। 6 और 7 अगस्त के बीच इस निर्धारित रूट पर पूर्ण 'नो-फ्लाई Zone' रहेगा।
अग्नि-6 और भारत का बढ़ता मिसाइल सुरक्षा कवच
इससे पहले भारत ने मई 2026 में बंगाल की खाड़ी के पास अब्दुल कलाम द्वीप से करीब 3,560 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए NOTAM जारी किया था। उस दौरान भारत की अगली पीढ़ी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) अग्नि-6 के संभावित परीक्षण को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी।
हाल ही में DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के अध्यक्ष समीर वी. कामथ ने स्पष्ट किया था कि 10,000 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली अग्नि-6 मिसाइल अपने परीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे केवल केंद्र सरकार से अंतिम हरी झंडी मिलने का इंतजार है। अग्नि-5 का सफल परीक्षण पहले ही कर चुका भारत अब अपनी मारक क्षमता को 10,000 किलोमीटर से पार ले जाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हिंद महासागर में जारी यह नया NOTAM भारत की इसी रणनीतिक बढ़त और समुद्री संप्रभुता को और मजबूत करने का संकेत दे रहा है।
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Written By Shailesh Yadav