Spain-Ceuta Migration Crisis: स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव सेउटा में मोरक्को की सीमा से हजारों प्रवासियों की अचानक हुई घुसपैठ ने एक गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। समुद्र के रास्ते तैरकर और बाड़ तोड़कर सीमा पार करने की कोशिश में अब तक कम से कम 18 प्रवासियों की मौत हो चुकी है। शहर में बेकाबू होते हालात और अराजकता पर नियंत्रण पाने के लिए स्पेन सरकार ने अंततः सेना (सशस्त्र बलों) को मैदान में उतार दिया है।
कैसे शुरू हुआ संकट?
जुलाई के अंतिम सप्ताह में मोरक्को से हजारों की संख्या में प्रवासियों ने अचानक सेउटा में प्रवेश करना शुरू कर दिया। प्रवासियों ने मुख्य रूप से तराजल ब्रेकवाटर के पास समुद्र में तैरकर, टायरों के ट्यूबों के सहारे या तटीय किनारों पर पैदल चलकर सीमा पार की। कई स्थानों पर कंटीले तारों की मजबूत बाड़ तोड़ दी गई। अचानक उमड़ी भारी भीड़ (अनुमानित 2,000 से 30,000 लोग) के आगे सीमा पर तैनात स्पेन की 'सिविल गार्ड' पुलिस पूरी तरह असहाय नजर आई।
मानवीय स्थिति और स्थानीय लोगों में दहशत
इस अनियंत्रित घुसपैठ ने शहर को गहरे मानवीय संकट में डाल दिया है, स्थानीय रिसेप्शन सेंटर अपनी क्षमता से अधिक भर चुके हैं। हजारों प्रवासी, जिनमें अकेले बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं, पार्कों और फुटपाथों पर रात बिता रहे हैं। स्थिति से भयभीत होकर स्थानीय व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी हैं। पुलिस की कमी को देखते हुए नागरिकों ने स्वयं-रक्षा समूह बना लिए हैं। सीमा पर स्थिति पूरी तरह से अराजक हो चुकी है। समुद्र और तट के रास्तों पर नियंत्रण पाना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
"When voters choose narratives over nationalism, they sign their own downfall." Today, we can see it unfolding in Spain.
— Megh Updates ™ (@MeghUpdates) July 30, 2026
Shocking visuals from Spain as migrants have invaded Ceuta, where a national emergency has reportedly unfolded after Moroccan and Algerian migrants overran… pic.twitter.com/4yOruyDycA
क्या है संकट की मुख्य वजह?
अचानक हुई घुसपैठ के पीछे स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का एक हालिया कानूनी फैसला माना जा रहा है। बता दें कि अदालत ने आदेश दिया था कि समुद्र के रास्ते सेउटा या मेलिला पहुंचने वाले प्रवासियों पर 'तत्काल वापसी' (Immediate Return) की प्रक्रिया लागू नहीं होगी, बल्कि उन्हें सामान्य इमिग्रेशन कानून के तहत मौका मिलेगा। स्पेनिश आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि मानव तस्करों के नेटवर्क ने इस कानूनी बदलाव का फायदा उठाया और प्रवासियों को सीमा पार करने के लिए उकसाया।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक हलचल
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और आंतरिक मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मारलास्का शुक्रवार (31 जुलाई) को स्थिति का जायजा लेने खुद सेउटा पहुंचे। मुख्य भूमि से विशेष पुलिस बल और सैनिकों की अतिरिक्त टुकड़ियां तुरंत सेउटा भेजी गई हैं। सेउटा के मेयर जुआन जीसस विवास ने 'राष्ट्रीय आपातकाल' घोषित करने की मांग की थी, जिसे केंद्र सरकार ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि प्रवासन कानूनी रूप से राष्ट्रीय आपातकाल के ढांचे में नहीं आता।
कूटनीतिक तनाव और यूरोप में हलचल
सेउटा और मेलिला पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में यूरोपीय संघ (EU) की एकमात्र जमीनी सीमाएं हैं। यही कारण है कि यह रूट यूरोप में प्रवेश का सबसे आसान रास्ता माना जाता है। मोरक्को इस क्षेत्र पर स्पेन के संप्रभु अधिकारों को स्वीकार नहीं करता है। हालांकि, स्पेनिश गृह मंत्रालय का दावा है कि मोरक्कन पुलिस फिलहाल सीमा पर प्रवासियों को रोकने में सहयोग कर रही है। इस घटना से पूरे यूरोप में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। इटली ने चेतावनी दी है कि अनियंत्रित प्रवासन पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा है और उसने शेंगेन (Schengen) ओपन-बॉर्डर सिस्टम की समीक्षा करने की मांग तक रख दी है।
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Written By Shailesh Yadav