नई दिल्ली: अफगानिस्तान के लिए जारी मानवीय सहायता प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए भारत ने गुरुवार को काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की खेप भेजी।

काबुल अस्पताल को दवाइयां और चिकित्सा सामग्री

विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अफगानिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करते हुए! अफगानिस्तान की मित्रवत जनता के साथ अपने दीर्घकालिक स्वास्थ्य सहयोग की पुष्टि करते हुए भारत ने काबुल के एक सरकारी अस्पताल को दवाइयां और चिकित्सा सामग्री पहुंचाई है।”

यह ताजा खेप अफगानिस्तान की जनता को मानवीय सहायता उपलब्ध कराने के भारत के लगातार प्रयासों का हिस्सा है। भारत नियमित रूप से आवश्यक दवाइयां, आपदा राहत सामग्री और अन्य जरूरी सामान अफगानिस्तान भेजता रहा है।

भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में तेजी आई

इस सप्ताह की शुरुआत में नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि पिछले एक वर्ष में भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि यह जुड़ाव मुख्य रूप से राजनयिक संवाद, मानवीय सहायता और विकास सहयोग पर केंद्रित रहा है।

जायसवाल ने कहा, “भारत का अफगानिस्तान की जनता के साथ लंबे समय से संबंध रहा है। पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान के साथ हमारा जुड़ाव बढ़ा है, जिसमें राजनयिक संवाद, हमारे द्वारा दी गई मानवीय सहायता और विकास सहयोग कार्यक्रम शामिल हैं। अफगानिस्तान के साथ हमारे जुड़ाव की प्रकृति और स्तर इन्हीं प्राथमिकताओं से निर्देशित होते रहेंगे।”

बाढ़ से प्रभावित नूरिस्तान के लोगों की मदद

इससे पहले पिछले महीने भारत ने भीषण बाढ़ से प्रभावित नूरिस्तान के लोगों की मदद के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को खाद्य सामग्री और पारिवारिक टेंट सहित आपातकालीन राहत सामग्री भेजी थी।

विदेश मंत्रालय ने उस समय कहा था, “नूरिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को खाद्य सामग्री और पारिवारिक टेंट सहित राहत सामग्री भेजी है। भारत इस कठिन समय में अफगानिस्तान की जनता के साथ खड़ा है।”

जून में 5 टन आवश्यक दवाइयों की एक खेप काबुल भेजी थी 

जून में भी भारत ने काबुल के लिए 5 टन आवश्यक दवाइयों की एक अलग खेप भेजी थी। विदेश मंत्रालय ने इसे अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देने और वहां के लोगों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया था।

इससे पहले 22 मई को भारत ने काबुल को बीसीजी तथा टेटनस-डिप्थीरिया (Td) टीकों के लिए 20 टन महत्वपूर्ण ड्राई मटेरियल सौंपा था। इसका उद्देश्य अफगानिस्तान के बाल टीकाकरण कार्यक्रम को मजबूत करना था।

विदेश मंत्रालय ने तब कहा था कि भारत अफगानिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसी और भी खेप भेजी जानी हैं।

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भारत की ओर से लगातार भेजी जा रही दवाइयों, टीकों और आपदा राहत सामग्री से स्पष्ट है कि अफगानिस्तान के साथ उसके मौजूदा जुड़ाव में मानवीय सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास सहयोग को महत्वपूर्ण प्राथमिकता दी जा रही है।

Written By: Pradeep Singh