Super Typhoon Dolphin: पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठे खतरनाक 'सुपर टाइफून डॉल्फिन' ने पूर्वी एशिया में भारी तबाही मचा रखी है। 216 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जापान, चीन और ताइवान में हड़कंप मचा दिया है। पूर्वी एशियाई देशों में तबाही मचाने के बाद अब इस तूफान का अप्रत्यक्ष असर भारतीय मॉनसून पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

जापान और चीन में जनजीवन अस्त-व्यस्त
तूफान के कारण जापान के ओकिनावा में जबरदस्त तबाही देखने को मिली है, जहां लगभग 14,000 घरों की बिजली गुल हो गई और कई लोग घायल हो गए। तूफान अब चीन के पूर्वी तट (झेजियांग और फुजियान प्रांतों) की ओर तेजी से बढ़ रहा है। खतरे को देखते हुए चीन सरकार ने करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। शंघाई में 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, 162 समुद्री फेरी मार्ग बंद कर दिए गए हैं और कई शहरों में स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। झेजियांग के कुछ हिस्सों में 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे भयंकर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बन गया है।

डॉल्फिन तूफान से जुड़े मुख्य अपडेट
बिजली व्यवस्था ठप: ओकिनावा में तेज हवाओं से बिजली के खंभे और तार उखड़ गए, जिससे 14,000 इमारतों में अंधेरा छा गया।
चीन में रेड अलर्ट: झेजियांग और फुजियान में आपातकालीन तैयारियां चरम पर हैं और अलर्ट मैक्सिमम लेवल तक बढ़ा दिया गया है।
स्कूल और गतिविधियां बंद: निंगबो शहर में शैक्षणिक संस्थानों और पानी से जुड़ी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
अत्यधिक भारी बारिश: पूर्वी झेजियांग क्षेत्र में 600 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है, जिससे बाढ़ का भारी खतरा है।
परिवहन प्रभावित: कई दिनों तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी के चलते पूरे पूर्वी चीन में परिवहन सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है।
भू-राजनीतिक तनाव: चीन द्वारा ताइवान स्ट्रैट से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रैफिक निर्देश जारी करने के बाद ताइवान ने इसकी तीखी आलोचना की है।
जापान में नुकसान: तेज हवाओं की चपेट में आने से ओकिनावा में कई बुजुर्ग घायल हो गए।
हवाई यात्रा पर बड़ा असर: जापान, चीन और ताइवान में सैकड़ों उड़ानें रद्द हुई हैं। अकेले ताइवान ने 63 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की हैं।
बंदरगाह और समुद्री व्यापार ठप: तटीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख बंदरगाहों का परिचालन रोक दिया गया है।
फेरी सेवाएं रद्द: यात्रियों की सुरक्षा के लिए झेजियांग में लगभग 162 फेरी रूट निलंबित किए गए हैं।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, टाइफून 'डॉल्फिन' का सीधा भौगोलिक खतरा भारत पर नहीं है, लेकिन यह भारतीय मॉनसून चक्र को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकता है। पश्चिमी प्रशांत महासागर में इतना शक्तिशाली तूफान उठने के कारण यह आसपास के बड़े क्षेत्र से गर्मी और नमी को अपनी ओर खींच रहा है। इससे बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मानसूनी सिस्टम को मिलने वाली नमी में कमी आ सकती है।

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Written by Shailesh Yadav