Mojtaba Khamenei Health Update: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर सनसनीखेज दावों के बाद मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) का राजनीतिक पारा एक बार फिर चढ़ गया है। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर के परिसर पर हुए अमेरिकी हवाई हमले के बाद से मोजतबा की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म 'इरानवायर' (IranWire) और इजराइली समाचार आउटलेट 'चैनल 14' की रिपोर्ट के अनुसार, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि दुनिया को कभी भी मोजतबा खामेनेई के निधन की खबर मिल सकती है।
28 फरवरी के हमले में हुए थे गंभीर रूप से घायल?
28 फरवरी 2026 को शुरू हुई जंग के पहले ही दिन ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य अमेरिकी एयरस्ट्राइक में मारे गए थे। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान की सर्वोच्च गद्दी सौंपी गई थी। हालांकि, पश्चिमी मीडिया और ईरान के विपक्षी खुफिया सूत्रों का दावा है कि उस हमले में मोजतबा खुद भी बाल-बाल बचे थे और उन्हें जानलेवा चोटें आई थीं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले में उनके शरीर और चेहरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि कुछ अटकलें उनके पैर बेकार होने और बिस्तर पकड़ने की भी हैं।
पद संभालने के बाद से दुनिया की नजरों से गायब
सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा खामेनेई एक बार भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उन्हें दुनिया की नजरों से पूरी तरह दूर रखा गया। यहां तक कि वे अपने पिता अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे की नमाज में भी शामिल नहीं हुए, जिसने इन अटकलों को और हवा दी। इरानवायर की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने खुलासा किया है कि 28 फरवरी के हमले के बाद से मोजतबा ने अपने मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य से सीधी मुलाकात नहीं की है।
ईरानी राष्ट्रपति का बयान
इन अफवाहों और दावों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का बयान भी सामने आया है। स्टेट मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने स्वीकार किया कि इस समय सुप्रीम लीडर के साथ सीधी बातचीत या संपर्क साधना 'बहुत कठिन' हो गया है। हालांकि, राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य से जुड़ी खबरों को खारिज करते हुए मोजतबा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस समय उनसे संपर्क करना निश्चित रूप से बहुत मुश्किल है, लेकिन उनकी मौजूदगी ही हमारे लिए एक बहुत बड़ी ताकत है ताकि हम देश को आगे बढ़ा सकें। पेजेशकियान ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले मोजतबा के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें की थीं और वे बेहद व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) सोच रखने वाले नेता हैं।
क्या वाकई बिगड़े हालात?
ईरान सरकार लगातार यही सफाई देती आ रही है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं तथा उन्हें सिर्फ कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते बाहर नहीं लाया जा रहा है। लेकिन इजराइली मीडिया और ईरानी स्वतंत्र पत्रकारों के हालिया दावों ने तेहरान के सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है। यदि ये दावे सच साबित होते हैं, तो यह पहले से ही युद्ध की विभीषिका झेल रहे ईरान के लिए एक और बड़ा झटका हो सकता है।
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Written by Shailesh Yadav