केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। सरकार ने इस मूल्य वृद्धि का बचाव करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत में LPG अभी भी कई देशों की तुलना में सस्ती उपलब्ध है।

वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में भारी इजाफा

सरकार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण LPG का वैश्विक बेंचमार्क ‘सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस’ फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच गई है।

तेल कंपनियों को लगभग 703 रुपये का नुकसान

सरकार का दावा है कि उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही लिए जा रहे हैं, जबकि बाकी लागत का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां और सरकार स्वयं वहन कर रही हैं। मूल्य वृद्धि से पहले तेल कंपनियों को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये का नुकसान हो रहा था। सरकार के मुताबिक, घरेलू LPG पर कुल नुकसान पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर करीब 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो इससे पहले 41,338 करोड़ रुपये था। इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने की मंजूरी भी दी है।

PMUY के लाभार्थियों को राहत जारी रहेगी

हालांकि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को राहत जारी रहेगी। उन्हें 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद LPG सिलेंडर 642 रुपये में उपलब्ध होगा। यह कदम गरीब और ग्रामीण परिवारों पर बढ़ती कीमतों का असर कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

LPG की कीमतें अन्य देशों की तुलना में बेहद कम

सरकार ने यह भी बताया कि देश में LPG की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन में 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है तथा अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त आयात किया गया है। साथ ही सरकार का कहना है कि भारत में LPG की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका तथा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में अब भी कम हैं। सरकार के अनुसार, यह मूल्य संशोधन उपभोक्ताओं को वैश्विक कीमतों के पूर्ण प्रभाव से बचाने और देशभर में रसोई गैस की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था।

Written By: Geeta Sharma