बगदाद : ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिकी प्रतिबंधों से निपटने के लिए ईरान और इराक के कारोबारी नेताओं से स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की योजना बनाने की अपील की है।
गालिबाफ ने इराक में व्यापारिक प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों को "कठोर प्रतिबंधों" का सामना करने के लिए आर्थिक रणनीति तैयार करनी होगी।
प्रतिबंधों के खिलाफ आर्थिक रणनीति की अपील
गालिबाफ ने कहा कि मुस्लिम देशों के पास मौजूद प्राकृतिक संसाधनों को देखते हुए विरोधी देश उनका फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में प्रतिबंधों का सामना करने के लिए मजबूत आर्थिक योजना जरूरी है।
उन्होंने कहा, "अमेरिका और इजरायल समझ चुके हैं कि वे ईरान और इराक से सीधे सैन्य संघर्ष में निपट नहीं सकते, इसलिए उन्होंने अब संज्ञानात्मक और आर्थिक युद्ध का रास्ता अपनाया है।"
स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर जोर
अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंधों से बचने के लिए गालिबाफ ने स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन को एक विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करना संभव है और जरूरत पड़ने पर इसे अमेरिकी मुद्रा में बदला जा सकता है।
गालिबाफ ने कहा कि सुरक्षा और अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि स्थिर सुरक्षा व्यवस्था के बिना निवेश नहीं आ सकता और केवल सुरक्षा बनाए रखना भी पर्याप्त नहीं है, इसके साथ मजबूत अर्थव्यवस्था जरूरी है।
ईरान ने युद्ध से इनकार किया
ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि ईरान युद्ध चाहता नहीं है, लेकिन वह अपने सम्मान और संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम युद्ध भड़काने वाले नहीं हैं और न ही युद्ध चाहते हैं, लेकिन हम अपनी गरिमा और सम्मान को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देंगे।"
अमेरिका ने दी 'सबसे कड़े प्रतिबंधों' की चेतावनी
गालिबाफ का यह बयान अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान पर "इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध" लगाने की बात कही थी।
अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाएगा और उन देशों पर भी कार्रवाई की जा सकती है जो तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के खिलाफ "अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई" करने की घोषणा की थी। उन्होंने ईरान की तेल तस्करी, वित्तीय नेटवर्क, मुद्रा विनिमय केंद्रों, शिप रजिस्ट्रेशन और अन्य आर्थिक माध्यमों को निशाना बनाने की बात कही।
चीन और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नजर
अमेरिका ने ईरान के साथ चीन के व्यापारिक संबंधों को लेकर भी चिंता जताई है। स्कॉट बेसेंट ने कहा कि चीन को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि उसकी ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा खाड़ी क्षेत्र से आता है।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आर्थिक प्रतिबंध और व्यापारिक रास्ते दोनों देशों के बीच विवाद का प्रमुख मुद्दा बने हुए हैं।