तेल अवीव। गाजा में शांति प्रक्रिया को दोबारा पटरी पर लाने के लिए अमेरिका की ओर से बड़ा कूटनीतिक प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और बोर्ड ऑफ पीस के महानिदेशक निकोलाय म्लादेनोव के नेतृत्व वाले उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल और हमास नेतृत्व के बीच हुई बातचीत
इजरायली मीडिया के अनुसार, यह बैठक मिस्र के अल-अलमेन में प्रतिनिधिमंडल और हमास नेतृत्व के बीच हुई सीधी बातचीत के एक दिन बाद हुई। इस वार्ता का उद्देश्य गाजा के पुनर्निर्माण और शासन व्यवस्था को लेकर अमेरिका समर्थित 15-सूत्रीय "रोडमैप" को दोबारा आगे बढ़ाना है।
अमेरिका के नेतृत्व वाला "बोर्ड ऑफ पीस" फरवरी 2026 में स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य युद्ध के बाद गाजा में व्यवस्था बहाल करना और सत्ता को एक फिलिस्तीनी तकनीकी सरकार को सौंपने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। इस बोर्ड ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आजीवन अध्यक्ष बनाया है।
गाजा शांति योजना के तहत तैयार 15-सूत्रीय रोडमैप
अमेरिका समर्थित यह बोर्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत तैयार 15-सूत्रीय रोडमैप को लागू करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने इस योजना पर सहमति जताई थी, लेकिन नेतन्याहू ने इसे सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया था।
नेतन्याहू का कहना है कि गाजा से इजरायली सेना की वापसी से पहले हमास को पूरी तरह हथियार छोड़ने होंगे। वहीं, हमास ने कहा है कि वह योजना को स्वीकार करता है, लेकिन इसका क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब इजरायल अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे, जिसमें सेना की वापसी और हमलों को रोकना शामिल है।
जेरेड कुशनर करेंगे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
पिछले सप्ताह बोर्ड ऑफ पीस के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि जेरेड कुशनर कूटनीतिक गतिरोध खत्म करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जो मिस्र और इजरायल का दौरा करेगा। इस शांति प्रयास में मिस्र, कतर, तुर्की और अन्य क्षेत्रीय देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, कई अरब देशों ने हाल ही में इजरायल द्वारा रोडमैप को खारिज किए जाने पर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
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रविवार को जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप को अस्वीकार करने से युद्ध समाप्त करने और गाजा में स्थायी राजनीतिक समाधान स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है।
Written By: Pradeep Singh