उत्तर प्रदेश में आने वाले वर्षों में विकास की तस्वीर तेजी से बदलने वाली है। दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन परियोजना अब केवल तेज यात्रा का साधन नहीं रहेगी। बल्कि यह प्रदेश में नए आर्थिक और शहरी विकास का आधार भी बनेगी। खासकर मथुरा और नोएडा के बीच का इलाका इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर सकता है। सरकार और नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) स्टेशन के आसपास हाईटेक सेक्टर, टाउनशिप और कारोबारी हब विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र को होगा फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र को मिलने वाला है। जानकारी के अनुसार, मथुरा जिले के यीडा (YEIDA) क्षेत्र में बनने वाले हाईस्पीड ट्रेन स्टेशन के आसपास 100 से 200 एकड़ जमीन पर नई हाईटेक टाउनशिप विकसित की जाएगी। यहां बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं, आधुनिक होटल, शॉपिंग मॉल, ऑफिस स्पेस और बड़े बिजनेस सेंटर बनाए जाने की योजना है। माना जा रहा है कि हाईस्पीड रेल शुरू होने के बाद यह इलाका निवेशकों और बड़ी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (GTC) में एक बड़ा स्टेशन प्रस्तावित है। वहीं मथुरा जिले के इटौली गांव के पास दूसरा प्रमुख स्टेशन बनाया जाएगा। इस परियोजना की खास बात यह होगी कि दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा एयरपोर्ट तक करीब 70 किलोमीटर का सफर केवल 21 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा।
कॉरिडोर देगा सुरक्षित यात्रा का अनुभव
हाईस्पीड ट्रेन का ट्रैक नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच एलिवेटेड बनाया जाएगा। ट्रैक सड़क के सेंटर हिस्से में होगा,जिससे जमीन अधिग्रहण की समस्या कम होगी और ट्रेन की रफ्तार भी अधिक बनी रहेगी। आधुनिक तकनीक से तैयार यह कॉरिडोर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देगा।
उत्तर प्रदेश का नया आर्थिक कॉरिडोर
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना का सबसे बड़ा असर प्रॉपर्टी बाजार पर दिखाई देगा। नोएडा एयरपोर्ट,यमुना एक्सप्रेसवे और हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क का संयोजन इस पूरे क्षेत्र को उत्तर प्रदेश का नया आर्थिक कॉरिडोर बना सकता है। आने वाले समय में यहां जमीन की कीमतों और निवेश की संभावनाओं में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
Written By: Geeta Sharma