भारत में होने वाली जनगणना 2027 कई मायनों में अहम होने जा रही है। केंद्र सरकार ने दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना के लिए 40 सवालों वाली प्रश्नावली को अधिसूचित किया है। इस चरण में लोगों से सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और प्रवास से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जाति की जानकारी भी ली जाएगी। यह 1931 के बाद पहली व्यापक जाति गणना होगी। इसके अलावा जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना भी होगी।
40 सवालों में क्या-क्या पूछा जाएगा?
दूसरे चरण की प्रश्नावली में व्यक्ति और परिवार से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल हैं। इनमें व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और पति या पत्नी का नाम शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीयता, धर्म, SC/ST या जाति, माता-पिता से संबंधित जानकारी और दिव्यांगता की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। भाषा से जुड़े सवालों में मातृभाषा और व्यक्ति को आने वाली अन्य भाषाओं के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। शिक्षा के संबंध में साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, वर्तमान में किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई, उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और विषय या स्ट्रीम से संबंधित सवाल भी शामिल होंगे।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी
जनगणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति ने पिछले एक साल में कोई काम किया है या नहीं। इसके आधार पर आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय, उद्योग या सेवा का प्रकार और कामगार की श्रेणी जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। जो लोग काम नहीं कर रहे हैं, उनके लिए गैर-आर्थिक गतिविधि, काम की तलाश और काम के लिए उपलब्धता से संबंधित सवाल भी होंगे, साथ ही काम की जगह तक पहुंचने में लगने वाले आवागमन से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी।
प्रवास और जन्म से जुड़े सवाल
प्रश्नावली में जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, प्रवास का कारण और आखिरी बार प्रवास के बाद मौजूदा गांव या शहर में रहने की अवधि पूछी जाएगी। स्थायी आवासीय पते से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। महिलाओं से बच्चों के जन्म से संबंधी जानकारी भी ली जाएगी, जिसमें बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। ये सवाल संबंधित वैवाहिक स्थिति वाली महिलाओं से किए जाएंगे।
कोविड वैक्सीन और दस्तावेजों की जानकारी भी शामिल
इस बार प्रश्नावली में कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा सवाल भी रखा गया है। इसके तहत टीकाकरण के स्थान की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा परिवार या व्यक्ति के कुल बैंक खातों की संख्या और उपलब्ध होने पर मोबाइल नंबर, आधार नंबर, मतदाता पहचान पत्र नंबर, भारतीय पासपोर्ट नंबर तथा ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
पहले चरण में पूछे गए थे 33 सवाल
जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए भारत के रजिस्ट्रार जनरल (RGI) ने जनवरी में 33 सवाल अधिसूचित किए थे। इस चरण का उद्देश्य मकानों की सूची तैयार करना और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाना था। पहले चरण की प्रश्नावली में परिवार के मुखिया की सामाजिक श्रेणी से संबंधित सवाल भी शामिल था। इसमें पूछा गया था कि परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य श्रेणी से संबंधित है।
फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या गणना
जनगणना का दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इस दौरान देश की आबादी से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक, प्रवास और प्रजनन क्षमता से जुड़े आंकड़े शामिल होंगे। इसी चरण में जाति से संबंधित व्यापक आंकड़े भी पहली बार जुटाए जाएंगे। इस लिहाज से जनगणना 2027 भारत की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध करा सकती है। साथ ही, पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से जनगणना के संचालन और आंकड़ों के संकलन का तरीका भी पहले की तुलना में काफी अलग होगा।
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Written By Toshi Shah