जम्मू-कश्मीर की बारामूला सीट से सांसद अब्दुल रशीद शेख (इंजीनियर राशिद) ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वे इस समय तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा आतंकवाद फंडिंग से जुड़े मामले की जांच चल रही है।

अस्पताल में भर्ती पिता से मिलने की मांगी  अनुमति

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट उनकी अंतरिम जमानत की मांग खारिज कर चुकी है, जिसके खिलाफ उन्होंने अब हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, उन्होंने मानवीय आधार पर अपने अस्पताल में भर्ती पिता से मिलने की अनुमति मांगी है।

निचली अदालत ने सुरक्षा का हवाला देते हुए खारिज किया जमानत

एनआईए ने निचली अदालत में जमानत का विरोध करते हुए सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया था। हालांकि एजेंसी ने यह भी कहा था कि उन्हें कस्टडी पैरोल दी जा सकती है, जिसके तहत वे हिरासत में रहते हुए परिवार से मिल सकते हैं। एजेंसी का तर्क है कि जब यह विकल्प उपलब्ध है, तो अंतरिम जमानत जरूरी नहीं है। इससे पहले जनवरी में अदालत ने उन्हें संसद के बजट सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल दी थी, जिसमें वे सुरक्षा निगरानी के बीच लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए थे।

दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने सुनाया था ये फैसला

मामले की एक और अहम कड़ी नवंबर 2025 का वह फैसला है, जब दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच ने यात्रा और सुरक्षा खर्च से जुड़ी शर्तों पर विभाजित फैसला दिया था। जस्टिस विवेक चौधरी ने राहत देने से इनकार किया था, जबकि जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने उनके पक्ष में राय दी थी। इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय के पास भेजा गया। राशिद के वकील का कहना है कि भारी यात्रा और सुरक्षा खर्च एक सांसद के कामकाज में बाधा बनता है। वहीं, दिल्ली पुलिस का पक्ष है कि यह खर्च सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए उचित है।   

Written By Toshi Shah