पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है और सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती की जा रही है। इन चुनाव परिणामों का प्रभाव केवल संबंधित राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका असर दिखेगा। पुडुचेरी को छोड़कर बाकी चार राज्यों के नतीजे खास तौर पर अहम माने जा रहे हैं।

एग्जिट पोल के अनुमान कुछ इस प्रकार

अधिकांश एग्जिट पोल में बंगाल और असम में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है, जबकि केरल में यूडीएफ और तमिलनाडु में द्रमुक की जीत का अनुमान जताया गया है। अब देखना यह है कि ये अनुमान वास्तविक परिणामों में कितने सही साबित होते हैं।

बंगाल में ममता या भाजपा

देशभर की नजरें खास तौर पर बंगाल पर टिकी रहेंगी। अगर ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने में सफल रहती हैं, तो क्षेत्रीय दलों की मजबूती का संदेश जाएगा, लेकिन अगर उन्हें हार मिलती है, तो भाजपा के लिए गैर-हिंदी भाषी राज्यों में विस्तार का रास्ता और आसान हो सकता है।

भाजपा किसी भी राज्य में दे सकती है चुनौती

हाल के वर्षों में ओडिशा और दिल्ली जैसे राज्यों में क्षेत्रीय दलों को सत्ता से हटाने के बाद भाजपा यह दिखाने की कोशिश करेगी कि वह किसी भी राज्य में स्थानीय दलों को चुनौती दे सकती है। वहीं, केरलम में अगर वाम मोर्चा (एलडीएफ) हार जाता है, तो कई दशकों बाद देश में किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार नहीं बचेगी। केरल भाजपा के लिए अब भी कठिन राज्य बना हुआ है। 2016 में पहली बार विधानसभा में प्रवेश करने के बाद 2021 में उसे कोई सीट नहीं मिली थी। हालांकि, लोकसभा में एक सीट जीतने के बाद इस बार पार्टी को कुछ उम्मीदें हैं। अगर यूडीएफ जीतता है, तो दक्षिण भारत में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत होगी।

क्या होगा तमिलनाडु में

तमिलनाडु में अभिनेता विजय की नई पार्टी के प्रदर्शन से लंबे समय से चली आ रही द्रमुक और अन्नाद्रमुक की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। बता दें कि  तमिलनाडु में जयललिता के निधन के बाद अन्नाद्रमुक लगातार कमजोर होती गई है। ऐसे में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है। यदि किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता, तो गठबंधन की राजनीति नए रूप ले सकती है।

असम में फिर से आ सकती है भाजपा

असम में यदि भाजपा लगातार तीसरी बार जीत हासिल करती है, तो पूर्वोत्तर क्षेत्र में उसकी पकड़ और मजबूत होगी। माना जा रहा है कि असम में भाजपा की संभावित जीत मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की स्थिति को और मजबूत करेगी। पार्टी की रणनीति, जिसमें अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दे प्रमुख रहे, चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकती है।

रंगासामी के नेतृत्व वाली गठबंधन वाली की हो सकती है वापसी

पुडुचेरी में एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के दोबारा सत्ता में आने की संभावना जताई जा रही है।

बंगाल में मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा के इंतजाम

पश्चिम बंगाल का परिणाम तृणमूल कांग्रेस के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन के लिए भी निर्णायक होगा। बता दें कि पश्चिम बंगाल में मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। 294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना होगी। एक सीट पर मतदान रद्द होने के कारण वहां बाद में चुनाव होगा। चुनाव आयोग ने अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ ही तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पहली बार क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं ताकि अनधिकृत प्रवेश रोका जा सके।

 

 

 

Written By Toshi Shah