बुधवार, 22 अप्रैल को चुनाव आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक विवादित बयान पर चेतावनी जारी की है। आयोग ने इस मामले को आचार संहिता के संभावित उल्लंघन से जोड़ते हुए गंभीर माना है। खरगे द्वारा प्रधानमंत्री को लेकर कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर आयोग ने संज्ञान लिया है। साथ ही, उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई राजनीतिक बयानबाजी की मर्यादा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
भाजपा ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की थी मांग
सूत्रों के अनुसार, भाजपा का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के नेतृत्व में चुनाव आयोग पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से इस मामले में जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग की।
#WATCH | Delhi | BJP delegation visits the office of Election Commission of India
— ANI (@ANI) April 22, 2026
Union Minister Kiren Rijiju says, "A high-level delegation, including senior ministers, Finance Minister Nirmala Sitharaman, me, Union Minister Arjun Ram Meghwal... met with the Election… pic.twitter.com/X0mNqxZfD9
'लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है खरगे का बयान'
मामले में भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए शिकायत चुनाव आयोग से की है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि खड़गे ने पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसे पार्टी ने गंभीर और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है।
लोकतांत्रिक मर्यादा का प्रश्न: किरेन रिजिजू
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग अनुचित है और इससे राजनीतिक माहौल बिगड़ता है। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय और लोकतांत्रिक मर्यादा का प्रश्न है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग ने उनकी बात सुनी है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
We have filed a strong complaint against Congress President Shri @kharge ji for his shocking and disgraceful remark calling Hon’ble PM Shri @narendramodi ji a “terrorist.”
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) April 21, 2026
This is not just derogatory, it is a dangerous & unprecedented attack on democratic institutions.
A blatant… pic.twitter.com/xtJWCoS79Z
क्या बोले थे खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर देश की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। दरअसल, तमिलनाडु के चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने कहा था कि 'AIADMK के लोग मोदी के साथ कैसे जुड़ सकते हैं? वो एक आतंकवादी हैं। सबसे बड़ी बात कि वो समानता में विश्वास नहीं करते। क्योंकि उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती। इन लोगों का उनके साथ जुड़ना, इसका मतलब है कि वे लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।' इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
खरगे ने दी थी सफाई
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को संदर्भ से हटाकर गलत तरीके से पेश किया गया है। खड़गे के अनुसार, उनका इरादा प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी सरकार की नीतियों और कथित तौर पर विपक्षी दलों पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग से जुड़ी थी।
'एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी दलों डरा रही भाजपा'
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी दलों पर दबाव बनाने और डर का माहौल तैयार करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है।
भाजपा और कांग्रेस में रार
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस और भाजपा दोनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां भाजपा ने माफी की मांग की है, वहीं कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बयानबाजी और गलत व्याख्या का मामला बताया है। फिलहाल मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में है और आयोग ने शिकायतों की समीक्षा शुरू कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावी माहौल को और अधिक गरमा सकता है।
Written By: Geeta Sharma