केंद्र सरकार ने 30 जून को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिलाने का प्रयोग जारी है और इसके परिणाम अगले वर्ष तक सामने आने की उम्मीद है। सरकार का यह बयान ऐसे समय आया है जब E20 पेट्रोल को लेकर देश में बहस तेज है और आशंका जताई जा रही है कि इससे पुरानी गाड़ियों को नुकसान हो सकता है। सरकार ने कोर्ट में कहा कि अब तक ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से वाहनों को मैकेनिकल नुकसान होता है। साथ ही इसे ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और पर्यावरण के लिए लाभकारी नीति बताया गया। यह टिप्पणी अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
BPCL की याचिका पर हुई सुनवाई
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 23 जून के आदेश में तेल कंपनियों—BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)—को निर्देश दिया था कि वे निविदा को अंतिम रूप देने से पहले एक डिस्टिलरी के आवेदन पर विचार करें, जिसमें एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बाद भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का यह आदेश सरकार के पेट्रोल में 20 % एथेनॉल मिश्रण (E20) के व्यापक नीतिगत लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि सरकार 20% एथेनॉल मिश्रण के प्रयोग पर काम कर रही है और इसके परिणाम अगले वर्ष तक सामने आएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि BPCL ने पहले कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील क्यों नहीं की। इस पर अटॉर्नी जनरल ने बताया कि एथेनॉल आपूर्ति अनुबंध अक्टूबर 2025 में पहले ही अंतिम रूप दिए जा चुके हैं और देशभर के कई हाई कोर्ट में इससे जुड़े मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई से राष्ट्रीय नीति प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने ट्रांसफर पिटीशन दायर करने की अनुमति मांगी, यह तर्क देते हुए कि अक्टूबर में होने वाले एथेनॉल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल से पहले इस मामले का निपटारा जरूरी है।
सरकार के 2030 के टारगेट?
भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय, समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि पिछले वर्ष ही पूरी हो चुकी है। इसके बाद तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल से पूरे देश में एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस नीति का उद्देश्य देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना और आयात पर निर्भरता कम करना बताया गया है। अब सरकार ने आगे का लक्ष्य तय करते हुए 2030 तक पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ाकर 30% (E30) करने की योजना बनाई है।
Written By: Archana Gupta