India Pakistan War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। बता दें कि वॉशिंगटन के पास कैंप डेविड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की उनकी धमकी के बाद ही दोनों देशों ने युद्ध रोकने का फैसला किया।

'टैरिफ की धमकी से दोनों देश हुए नाराज'
ट्रंप के अनुसार, जब वॉशिंगटन ने दोनों देशों को चेतावनी दी कि यदि युद्ध खत्म नहीं हुआ तो उन पर भारी व्यापारिक शुल्क (टैरिफ) लगाया जाएगा, तो दोनों पक्ष काफी नाराज हुए।

डोनाल्ड ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ने कहा कि अगर तुम युद्ध लड़ने जा रहे हो, तो तुम दोनों पर 250 फीसदी शुल्क लगेगा। इस पर वे बहुत चीखे-चिल्लाए और नाराज हुए, लेकिन अगले ही दिन फोन करके बोले कि हम युद्ध नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि इस सैन्य संघर्ष के दौरान 11 विमान मार गिराए गए थे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा कि इस मध्यस्थता से लगभग 5 करोड़ लोगों की जान बचाई गई।

'सीधा संवाद हुआ, किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं'
भारत ने ट्रंप के इन सभी दावों और किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय और रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, संघर्ष-विराम पर सहमति तब बनी जब पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने खुद अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया था। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पिछले साल 7 से 10 मई के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर पाकिस्तान और पीओके (PoK) स्थित आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। 

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Written By Shailesh Yadav