Delhi News : देश में जहां वंदे मारतम् के गायन को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस पूरी तरह से घिर चुकी है तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने आज यानी शनिवार को नई दिल्ली में स्थित पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक से पहले ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 छंदों का सामूहिक गान किया। 150 वर्षों से यह रचना भारत की राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा बनी है।

वंदे मातरम्’ के सभी 6 छंदों का सामूहिक गान

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में पार्टी नेताओं के साथ बैठक का आयोजन किया है। जिसमें राष्ट्रीय पदाधिकारी और राज्य अध्यक्षों के साथ-साथ हर राज्य इकाई से 4 अन्य पदाधिकारी भी शामिल हुए। हर राज्य इकाई से कुल 5 पदाधिकारी बैठक में पहुंचे। बैठक से पूर्व पार्टी मुख्यालय में नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक से पहले ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 छंदों का सामूहिक गान किया।

क्या बोले संबित पात्रा ने विपक्ष पर कसा तंज

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने बैठक में मौजूद नवनियुक्त राष्ट्रीय पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, यह वंदे मातरम् की 150वी जयंती है।
15 अगस्त 2026 को संपूर्ण वंदे मातरम् जिसमें 6 स्टैंज़ा हैं, उसका गायन लाल किले के परिसर में हुआ था लेकिन 15 अगस्त के दिन कांग्रेस के कार्यालय में एक कुकृत्य हुआ। इसमें कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी में जब तिरंगा फहराया जा रहा था उस समय सोनिया गांधी ने 2 स्टैंज़ा के बाद वंदे मातरम् को रुकवाने का इशारा किया। 19 अगस्त के दिन CWC की मीटिंग में एक प्रस्ताव आया जिसमें कहा गया हम वंदे मातरम् के केवल 2 ही स्टैंज़ा गाएंगे। हम सभी जानते हैं कि 1937 में यह निर्णय क्यों लिया गया था?

कांग्रेस पार्टी जो विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रही

संबिता पात्रा ने कहा कि, 1905 में बंग भंग हो रहा था और बंगाल के विभाजन को रोकने के लिए वंदे मातरम् लिखा गया था। जो ब्रिटिश सरकार वंदे मातरम् को रोक रही थी, आज वही कांग्रेस सरकार वंदे मातरम् को रोक रही है। यह राजनीति का विषय नहीं बल्कि देश के विभाजन का विषय है। 1937 में पहली बार पंडित नेहरू के कहने पर वंदे मातरम् को विभाजित किया गया था। यह तुष्टीकरण का बीज आगे जाकर विभाजन का बीज बनता है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी जो विभाजन के बीज बोने की कोशिश कर रही है, हम यह नहीं होने देंगे।

कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति पूरा देश देख रहा

कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम् को बाधित करने की कोशिश की गई थी। मैं देश से पूछता हूं कि संसद बड़ी है या CWC? वंदे मातरम् के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। यह देश का गान है। आज भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देश की प्रत्येक गली, नुक्कड़ में जाकर वंदे मातरम् का यशोगान करेगा। हमें वंदे मातरम् को लेकर लोगों को बताना है। आज राष्ट्रभक्ति का लिबास कांग्रेस पार्टी पर से हट चुका है। कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति पूरा देश देख रहा है।


केंद्र ने जारी किए दिशा निर्देश

केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के तहत अब आधिकारिक और सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों की प्रार्थना सभाओं तथा सांस्कृतिक आयोजनों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सभी छह छंदों का सामूहिक गान अनिवार्य किया गया है, जिसकी कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड होती है। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के केवल 2 ही छंद (पैरा) गाने के 1937 के पुराने फैसले पर कायम रहने के निर्णय के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान और तुष्टीकरण की राजनीति करार देते हुए विपक्ष को घेर लिया है।

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