दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी कमजोर पड़ती राजनीतिक स्थिति को संभालने के लिए एक बार फिर आंदोलन की राजनीति का सहारा ले रहे हैं, उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल द्वारा सीजेपी (CJP) के मंच पर जाने की घोषणा यह साबित करती है कि वह अपने पुराने राजनीतिक मॉडल को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बार देश का युवा उनके बहकावे में आने वाला नहीं है।

पत्रकारों से बातचीत में हर्ष ने कही ये बात

पत्रकारों से बातचीत में हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वर्ष 2011 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मंच पर अन्ना हजारे के अनशन के जरिए अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय राजनीति में उभरे थे, अब उन्हें लगता है कि उसी तरह सीजेपी के मंच से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का सहारा लेकर वह अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता को फिर से स्थापित कर सकेंगे, उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपने पुराने सहयोगी अभिजीत दीप्के के माध्यम से सीजेपी का गठन करवाया और युवाओं को आंदोलित करने की रणनीति बनाई, लेकिन यह पूरी तरह विफल रही।

वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ता को रणनीति का हिस्सा बनाया- हर्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ता को भी इस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाया गया, जबकि उनका आंदोलन अलग उद्देश्य से जुड़ा था, उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी आंदोलन की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता और विशेषकर युवा अब इस तरह की राजनीति को समझ चुके हैं।

"कांठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती।"

मल्होत्रा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल यह भूल गए हैं कि "कांठ की हांडी बार-बार चूल्हे पर नहीं चढ़ती।" उनके अनुसार, 2011 जैसी परिस्थितियां अब नहीं हैं और देश का युवा पहले की तुलना में अधिक जागरूक है। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि जंतर-मंतर पर अपेक्षित संख्या में युवा नहीं पहुंचे और सीजेपी के मंच को वैसा जनसमर्थन नहीं मिला, जैसा केजरीवाल को उम्मीद थी।

राजनीतिक लाभ के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे- हर्ष

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता अब मुद्दों और आंदोलनों के राजनीतिक इस्तेमाल को समझती है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे, उन्होंने दावा किया कि दिल्ली सहित पूरे देश का युवा विकास और सुशासन की राजनीति चाहता है, न कि आंदोलनों के जरिए राजनीतिक पुनर्जीवन की कोशिशों को।

 

Written By: M. Athar Uddin Munne Bharati

Edited By : Toshi Shah