भारत में कफ सिरप की बिक्री और उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हाल के वर्षों में कफ सिरप से जुड़े कई गंभीर मामलों, मिलावट की शिकायतों और बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नए नियम लागू किए हैं। मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब खांसी के सिरप सहित सभी प्रकार के सिरप बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदे जा सकेंगे। यानी मेडिकल स्टोर से कफ सिरप लेने के लिए डॉक्टर की सलाह और लिखित पर्ची दिखाना अनिवार्य होगा।

'ड्रग्स नियम, 2026' क्या है?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स नियमों के अंतर्गत Schedule K में शामिल कुछ दवाओं से संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत “Syrups” शब्द को सूची से हटा दिया गया है। नए प्रावधान को “ड्रग्स नियम, 2026” नाम दिया गया है। इस नियम के लागू होने के बाद बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के सिरप बेचने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर उनका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए लिया गया फैसला: सरकार

सरकार का कहना है कि यह फैसला आम लोगों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। कई बार लोग बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप का उपयोग करते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कुछ मामलों में इन दवाओं का दुरुपयोग भी सामने आया है। इसलिए सरकार चाहती है कि इन दवाओं का इस्तेमाल केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही हो।

'दवाओं की गुणवत्ता में समझौता बर्दाश्त नहीं'

हाल ही में मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। इन घटनाओं ने दवा निर्माण और वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर कड़े निर्देश जारी किए। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकार ने दिए दवा निर्माण इकाइयों की जांच के निर्देश

सरकार ने देशभर में दवा निर्माण इकाइयों और दवा विक्रेताओं की जांच के निर्देश भी दिए हैं। यदि किसी फैक्ट्री या विक्रेता द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों का उद्देश्य दवाओं की सुरक्षित बिक्री सुनिश्चित करना और नागरिकों, विशेषकर बच्चों, को संभावित जोखिमों से बचाना है। आने वाले समय में सरकार इस फैसले की समीक्षा और निगरानी भी करेगी ताकि इसके प्रभाव का आकलन किया जा सके।

Written By: Geeta Sharma