अयोध्या राम मंदिर चोरी मामले को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठा रही है। पार्टी का आरोप है कि इतने गंभीर मामले में प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया न आना भाजपा के दोहरे मानदंडों को दर्शाता है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 2 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा।

केसी वेणुगोपाल ने कही ये बात

समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस प्रकरण में कार्रवाई करना प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी है, उनके मुताबिक, राम मंदिर का मुद्दा भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी की राजनीति का प्रमुख आधार रहा है, इसलिए अब जब मंदिर से जुड़े चंदे में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है, तब प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक आस्था का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए करती है।

एसआईटी पर उठाय सवाल

वेणुगोपाल ने इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए, उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया है, ऐसे में राज्य सरकार की एसआईटी से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना कठिन है, उनका दावा था कि जांच के दायरे से कुछ प्रभावशाली लोगों को बाहर रखा जा रहा है।

 

कांग्रेस नेता ने लगाया आरोप

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चोरी पर सवाल उठाने वालों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही, उन्होंने मांग की कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट करे, साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में इस पूरे मामले की जांच सौंपी जानी चाहिए।

 

Written By Toshi Shah