उत्तर प्रदेश और जापान के बीच बढ़ती साझेदारी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे हैं। यहां वह जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात करेंगे। बैठक में निवेश, अत्याधुनिक तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, रोजगार और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। यूपी सरकार का फोकस जापानी निवेश को बढ़ाने और राज्य को आधुनिक विनिर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने पर है।
ग्रीन हाइड्रोजन में यूपी-जापान की बढ़ी साझेदारी
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यामानाशी प्रीफेक्चर के साथ समझौता ज्ञापन यानी एमओयू के बाद ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में रिसर्च और तकनीकी सहयोग को नई गति मिली है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें आईआईटी कानपुर-एचबीटीयू और आईआईटी बीएचयू-एमएमएमयूटी का सहयोग शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने दोनों ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए 50-50 करोड़ रुपये की राशि देने का प्रावधान किया है।
जापानी निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जापान की कंपनियों के निवेश से उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी कड़ी में एस्कॉर्ट्स कुबोटा का बड़ा प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी उत्तर प्रदेश में करीब 2,029 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसके लिए यीडा क्षेत्र में 152 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
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एक प्रोजेक्ट से हजारों नौकरियों का दावा
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के प्रस्तावित प्रोजेक्ट से करीब 3,829 रोजगार के अवसर पैदा होने की बात कही गई है। परियोजना के पहले चरण में हर साल लगभग 60 हजार ट्रैक्टर और 15 हजार कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट बनाने की क्षमता विकसित की जाएगी। इससे उत्तर प्रदेश के कृषि उपकरण और निर्माण मशीनरी क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में भी जापानी तकनीक
यूपी में जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी का असर ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। स्पार्क माइंडा और टोयो डेंसो की साझेदारी से एडवांस ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है। जापानी तकनीक और विशेषज्ञता के साथ राज्य सरकार हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दे रही है।
निवेश से रोजगार तक, यूपी की बड़ी तैयारी
ग्रीन हाइड्रोजन, अत्याधुनिक तकनीक, औद्योगिक निवेश और रोजगार—इन सभी क्षेत्रों में यूपी-जापान सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रस्तावित मुलाकात को इसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को जापानी कंपनियों के लिए निवेश के पसंदीदा ठिकानों में शामिल करना है। अगर प्रस्तावित परियोजनाएं जमीन पर तेजी से उतरती हैं, तो इससे राज्य में रोजगार के साथ-साथ आधुनिक विनिर्माण क्षमता को भी मजबूती मिल सकती है।
Written By : एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती