Yogi Adityanath Ayodhya Speech: अयोध्या धाम में पूज्य संत, ब्रह्मलीन महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज के पुण्य स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबोधन किया। उन्होंने देश के इतिहास और मंदिरों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश के गुलाम होने का बड़ा कारण समाज की एकता की कमी रही।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1526 में संभल स्थित श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर वहां गुलामी का ढांचा खड़ा किया गया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय एकजुट होकर इसका विरोध हुआ होता तो शायद 1528 में अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर को नुकसान पहुंचाने का दुस्साहस कोई नहीं करता।
सनातन समाज कभी मौन नहीं रहा
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर हुए घटनाक्रम के बाद भी सनातन धर्मावलंबी कभी चुप नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उस समय समाज के पास बल, बुद्धि और वैभव की कोई कमी नहीं थी, लेकिन सबसे बड़ी कमी एकता की थी।उन्होंने कहा कि आज समाज को इतिहास से सीख लेते हुए एकजुट रहने की जरूरत है, ताकि सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों की रक्षा की जा सके।
कालनेमियों को पहचानना होगा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि समाज को उन लोगों को पहचानना होगा जो भगवान राम के भक्त होने का दावा करते हैं, लेकिन उनके कार्य अलग होते हैं।उन्होंने कहा कि बजरंगबली कालनेमियों को पहचानते हैं और जो बाबरी के भक्त हैं, वह बजरंगबली के भक्त नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि भक्तों को भी अपनी सामर्थ्य और पहचान मजबूत करनी होगी ताकि ऐसे लोगों को पहचाना जा सके।
निशाना सनातन धर्म और श्री राम जन्मभूमि है
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी कुछ लोगों का निशाना सनातन धर्म, अयोध्या धाम और श्री राम जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि समाज को सजग रहने और अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है।
Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती
Edited By: Shivashakti Narayan SINGH