CJP Saurav Das Meets JP Nadda: NEET पेपर लीक 2026 और उससे जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच CJP के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। पार्टी की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने नड्डा के आवास पर जाकर अपनी मांगों को विस्तार से रखा। मुलाकात के बाद सौरभ दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है। वह इस मामले को उचित स्तर पर उठाएंगे और संबंधित पक्षों से बातचीत करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन या अंतिम फैसला नहीं मिला है।
सोशल मीडिया पर दी मुलाकात की जानकारी
सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि वह और आशुतोष रांका दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद रहे। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपनी सभी प्रमुख मांगें मंत्री के सामने रखीं, जिनमें सबसे प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की है।
सौरभ दास के अनुसार, नड्डा ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिया कि वह इस विषय पर उचित स्तर पर चर्चा करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
'मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा'
मुलाकात के बाद सौरभ दास ने कहा कि फिलहाल सरकार की ओर से कोई निश्चित वादा नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि CJP के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक पीछे नहीं हटेंगे।
उन्होंने दोहराया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और इसका उद्देश्य सरकार का ध्यान छात्रों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
CJP ने सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें
1.सोनम वांगचुक को उनके आंदोलन के दौरान बिना किसी रोक-टोक के रिहा किया जाए।
2.केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए या उनसे इस्तीफा लिया जाए।
3.NEET पेपर लीक 2026 से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिन्होंने कथित तौर पर इस 4.मामले के कारण आत्महत्या की।
NEET पेपर लीक को लेकर बढ़ा राजनीतिक दबाव
NEET पेपर लीक 2026 का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्षी दलों और कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विभिन्न संगठनों की ओर से जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
इसी कड़ी में CJP ने भी सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि केवल जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
आगे क्या?
जेपी नड्डा के साथ हुई इस मुलाकात के बाद अब निगाहें सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। फिलहाल CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक दलों की नजर बनी रहेगी।
Written By: Geeta Sharma