Ram Mandir Trust CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के फुल टाइम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को अयोध्या में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू आयोजित किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों की प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ उनके धार्मिक आचरण और जीवनशैली की बारीकी से परख की गई।
5,200 में से 18 शॉर्टलिस्ट, 34 पॉइंट का गूगल फॉर्म
CEO पद के लिए कुल 5,200 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 18 को शॉर्टलिस्ट किया गया। पहले चरण में इन सभी का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया था। मंगलवार को इनमें से उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ, जिनमें चार पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी भी शामिल हैं।
इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों को 34 पॉइंट का एक विस्तृत गूगल फॉर्म भरना था। इसके अलावा इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से 18 अलग-अलग सवाल पूछे गए। ये सवाल उनके वर्क एक्सपीरियंस, भीड़ प्रबंधन, परिवार, भगवान राम में आस्था, जनेऊ धारण करने, पूर्ण शाकाहारी होने, मदिरापान न करने, कट्टर हिंदू होने और हिंदू धर्म के अनुसार परिधान पहनने में सहजता से जुड़े थे। प्रत्येक उम्मीदवार का इंटरव्यू लगभग एक से दो घंटे तक चला।
दौड़ में पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय और पूर्व आईएएस योगेश्वर मिश्रा
शॉर्टलिस्ट किए गए संभावित नामों में उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम चर्चा में है, जिनका इंटरव्यू बुधवार को प्रस्तावित है। राजेश पांडेय यूपी एसटीएफ (STF) के संस्थापक सदस्यों में से हैं और लखनऊ के एसएसपी तथा बरेली के आईजी रह चुके हैं। वर्तमान में वह लखनऊ के अलीगंज स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के सचिव भी हैं। वहीं, फैजाबाद (अब अयोध्या) के पूर्व डीएम और रिटायर्ड आईएएस योगेश्वर मिश्रा का नाम भी दावेदारों में सामने आ रहा है।
चंदा हेर-फेर के आरोपों के बाद लिया गया फैसला
ट्रस्ट में चंदा चोरी और वित्तीय हेर-फेर के आरोप सामने आने के बाद फुल टाइम सीईओ नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था। इस मामले में वित्तीय प्रबंधन की जांच जारी है, आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
चयन प्रक्रिया और सेलेक्शन पैनल
सीईओ के चयन के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया गया है, जिसमें जस्टिस प्रमोद कोहली (सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज), लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त), सुरेश हावरे का नाम शामिल है । यह समिति 2 सितंबर से पहले तीन अंतिम नामों की सिफारिश ट्रस्ट को सौंपेगी। 2 सितंबर को होने वाली कार्यकारी समिति की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। चयनित सीईओ ट्रस्ट का सर्वोच्च कार्यकारी अधिकारी होगा। उसके कंधों पर मंदिर का कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन, करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए केंद्रीय व राज्य एजेंसियों से समन्वय और धार्मिक अनुष्ठानों का सुचारू संचालन करने की जिम्मेदारी होगी। सूत्रों के अनुसार, पद की संवेदनशीलता को देखते हुए अंतिम चयन केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की देखरेख में किया जाएगा।
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Written by Shailesh Yadav