Mayawati Action on Anant Kumar Mishra: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अब अपनी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई है। मायावती ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने अंटू मिश्रा पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, उनके पोस्ट में किसी खास घटना या गतिविधि का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
मायावती ने कार्यकर्ताओं को भी दिया संदेश
अनंत कुमार मिश्रा पर कार्रवाई के साथ मायावती ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी चुनावी तैयारी को लेकर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यूपी में चुनावी माहौल गरम हो रहा है, इसलिए पार्टी के सभी स्तर के लोगों को विरोधियों के अलग-अलग राजनीतिक हथकंडों से सावधान रहना चाहिए।बसपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के अंबेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा चुनाव में सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करने की अपील की है।
मायावती सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं अंटू मिश्रा
अनंत कुमार मिश्रा बसपा सरकार के दौरान स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी भी माने जाते हैं। पार्टी से निष्कासन के बाद अब अंटू मिश्रा की अगली राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, फिलहाल उनकी ओर से इस कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है।
अशोक सिद्धार्थ के बाद एक और बड़ी कार्रवाई
मायावती का यह फैसला ऐसे समय आया है जब बसपा संगठन में लगातार सख्ती देखने को मिल रही है। इससे पहले पार्टी ने अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। अंटू मिश्रा पर ताजा फैसला पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर मायावती के रुख को भी दिखाता है।2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में बसपा के भीतर हो रहे इन बदलावों पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
अब आगे क्या?
अंटू मिश्रा के निष्कासन के बाद सबसे बड़ा सवाल उनकी अगली राजनीतिक दिशा को लेकर है। फिलहाल बसपा ने सिर्फ निष्कासन की वजह के तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का उल्लेख किया है। आने वाले दिनों में इस फैसले को लेकर अंटू मिश्रा की प्रतिक्रिया या कोई नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है तो तस्वीर और साफ हो सकती है।
Written By: Shivashakti Narayan Singh