वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास बड़ा हादसा हुआ है। जानकारी के अनुसार भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलट गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन, नौसेना, कोस्ट गार्ड और अन्य बचाव एजेंसियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारतीय दूतावास भी लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और घटना पर करीबी नजर बनाए हुए है। इस हादसे पर पीएम मोदी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

पीएम ने व्यक्त किया शोक

प्रधानमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वियतनाम के फू क्वोक के पास भारतीय नागरिकों से जुड़े नाव हादसे पर दुख जताया। उन्होंने पोस्ट कर कहा, 'भारतीय नागरिकों की नाव दुर्घटना की दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल बचे लोगों के जल्द ठीक होने की मैं प्रार्थना करता हूं।'

भारतीय दूतावास ने जताया दुख

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। दूतावास ने बताया कि फु क्वोक द्वीप के पास भारतीय पर्यटकों को ले जा रही नाव के पलटने की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। दूतावास ने कहा कि घटना से जुड़ी सभी जानकारियां जुटाई जा रही हैं और प्रभावित भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कैसे हुआ हादसा?

फु क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक जोन के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे ओशन पियर आइलैंड कंपनी की एक स्पीडबोट पर्यटकों को लेकर होन मे रूट से एन थोई पोर्ट की ओर जा रही थी। यह क्षेत्र फु क्वोक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। यात्रा के दौरान स्पीडबोट अचानक असंतुलित होकर समुद्र में पलट गई। हादसे के समय नाव में सवार सभी 36 लोग समुद्र में गिर गए। दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद अन्य पर्यटक नौकाएं तुरंत सहायता के लिए घटनास्थल पर पहुंच गईं और बचाव अभियान शुरू किया गया।

बचाव अभियान में आई चुनौतियां

रेस्क्यू अभियान में शामिल एक नाव के मालिक ने बताया कि उनकी टीम महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई थी। हालांकि राहत कार्य आसान नहीं था क्योंकि कई यात्री नाव के भीतर ही फंस गए थे। उन्हें बाहर निकालने में काफी समय लगा। खबरों के मुताबिक हादसे के समय इलाके में बारिश नहीं हो रही थी, लेकिन समुद्र में तेज लहरें उठ रही थीं। माना जा रहा है कि यही तेज लहरें हादसे की एक प्रमुख वजह हो सकती हैं। उस समय क्षेत्र में अन्य पर्यटक नौकाएं भी सामान्य रूप से संचालित हो रही थीं।

नौसेना और कोस्ट गार्ड ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एन थोई बॉर्डर गार्ड ने तुरंत दो जहाजों के साथ 35 अधिकारियों और जवानों को घटनास्थल पर रवाना किया। बचाव अभियान में वियतनाम की नौसेना, कोस्ट गार्ड और अन्य संबंधित एजेंसियां भी शामिल हुईं। संयुक्त अभियान के दौरान सभी 36 यात्रियों को समुद्र से निकालकर सुरक्षित किनारे लाया गया। इनमें से 21 लोगों की जान बचा ली गई, जबकि 15 लोगों को बचाया नहीं जा सका। मृतकों में दो महिलाएं और 13 पुरुष शामिल बताए गए हैं।

प्रभावित परिवारों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित

हादसे के बाद भारतीय दूतावास ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में एक हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहां परिजन और अन्य लोग जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा हनोई स्थित भारतीय दूतावास में भी एक अलग कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर +84 91 308 9165 जारी किया गया है।

जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर इस प्रकार हैं:

 +84 36 281 7930
 +84 91 552 37 14
 +84 33 452 0414

भारतीय दूतावास ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा

भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दूतावास ने यह भी अपील की है कि जिन परिवारों के सदस्य इस यात्रा में शामिल थे, वे जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर ताजा जानकारी प्राप्त करें।

Written By: Geeta Sharma