पश्चिम बंगाल, केरल, असम सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने एक नई सियासी तस्वीर पेश की है। पश्चिम बंगाल और केरल तक में ' सत्ता परिवर्तन' से लेकर तमिलनाडु में थलापति विजय के उदय ने देश के सियासी मानचित्र पर गहरी लकीरें खींची हैं। एमके स्टालिन से ममता बनर्जी तक सत्ता गंवाने से लेकर अपनी सीट पर हार का मुंह देखना पड़ा।
पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत प्राप्त किया और लंबे समय से सत्ता में रही टीएमसी के लगभग 15 साल के शासन का अंत कर दिया। राज्य की 293 सीटों में से 292 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। टीएमसी को केवल 80 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस और एजेयूपी को दो-दो सीटें और सीपीआई(एम) को एक सीट हासिल हुई।
सीएम ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने हराया
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 15 हजार से अधिक वोटों से हार गईं। अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर भी जीत दर्ज की। यह भी उल्लेखनीय है कि 1972 के बाद पहली बार राज्य में ऐसी पार्टी सत्ता में आ रही है जो केंद्र में भी शासन कर रही है।
असम में बीजेपी ने 102 सीट हासिल की
असम विधानसभा चुनाव (कुल 126 सीटें) के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने निर्णायक जीत दर्ज करते हुए 102 सीटें हासिल की और राज्य में मजबूत बहुमत के साथ अपनी स्थिति को और सुदृढ़ किया। इसके साथ ही राज्य में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बन गई। कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए 21 सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन वह सत्ता में वापसी करने में सफल नहीं हो सकी। वहीं ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) को इस चुनाव में केवल 2 सीटों से ही संतोष करना पड़ा। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में कुल 1 सीट आई।
तमिलनाडु में टीवीके बनीं सबसे बड़ी पार्टी
50 वर्षों से अधिक समय से द्रविड़ राजनीति का गढ़ रहा तमिलनाडु, जहां डीएमके और एआईएडीएमके का वर्चस्व रहा है, अब बदलाव के लिए तैयार है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (कुल 234 सीटें) के परिणामों में नवगठित पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने 107 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर बड़ा राजनीतिक बदलाव दर्ज किया। सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को इस चुनाव में 74 सीटों पर जीत मिली, जिससे वह दूसरे स्थान पर रही। वहीं ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने 53 सीटें जीतकर तीसरे स्थान पर अपनी उपस्थिति बनाए रखी। इसके अलावा अन्य किसी भी दल या निर्दलीय उम्मीदवार को इस चुनाव में कोई सीट हासिल नहीं हो सकी।
केरलम कांग्रेस उभर के आया सामने
केरलम विधानसभा चुनाव (कुल 140 सीटें) के परिणामों में सीटों के हिसाब से देखें तो कांग्रेस (INC) ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 22 सीटें मिली हैं, जिससे गठबंधन को मजबूती मिली है। वहीं, सीपीएम (CPI-M) को 26 सीटें और सीपीआई (CPI) को 8 सीटें मिली हैं। इसके अलावा केरल कांग्रेस (KEC) को 7, आरएसपी (RSP) को 3 और बीजेपी को 3 सीटों पर जीत मिली है।
पुडुचेरी बीजेपी का धमाल
पुडुचेरी विधानसभा चुनाव (कुल 30 सीटें) के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 18 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया और सरकार बनाने की स्थिति में आ गया। वहीं कांग्रेस गठबंधन को इस चुनाव में 6 सीटों पर जीत मिली, जिससे वह मुख्य विपक्ष की भूमिका में आ गया। इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 6 सीटें जीतकर विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
Written By Toshi Shah