पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को लेकर व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण में मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए चुनाव आयोग ने केंद्रीय सशस्त्र बलों की बड़ी तैनाती का फैसला किया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और 142 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। शहरी इलाकों में महिला अर्धसैनिक बलों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की जा रही है।
किन इलाकों में मतदान और क्या है महत्व
दूसरे चरण में राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इसमें कोलकाता महानगर, औद्योगिक बेल्ट और दक्षिण बंगाल के घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट भी इसी चरण में है। इसके अलावा सीमावर्ती जिले जैसे उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, बशीरहाट, हावड़ा, बरासात, नदिया और सुंदरबन क्षेत्र भी इस चरण में आते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां रहेगी तैनात
चुनाव आयोग के अनुसार, दूसरे चरण के लिए कुल 2,321 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की जाएंगी। प्रत्येक कंपनी में कम से कम 72 सशस्त्र जवान होंगे। यह तैनाती संवेदनशील इलाकों की पहचान और पिछले चुनावों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि हर क्षेत्र में कड़ी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
142 विधानसभा सीटों पर होगा मतदान
इस चरण में 142 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) और असम राइफल्स जैसे बल शामिल रहेंगे, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं।
24 परगना में सबसे अधिक कंपनियां की जाएंगी तैनात
जिलावार तैनाती पर नजर डालें तो दक्षिण 24 परगना में सबसे अधिक 409 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिसमें सुंदरबन, बरुईपुर और डायमंड हार्बर जैसे इलाके शामिल हैं। कोलकाता पुलिस क्षेत्र में 273 कंपनियां तैनात होंगी। इसके अलावा पूर्व बर्धमान में 260 और हुगली (ग्रामीण) में 234 कंपनियों की तैनाती की जाएगी। अन्य क्षेत्रों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बारासात पुलिस जिले में 112, बोंगांव में 62 और बशीरहाट में 123 कंपनियां तैनात होंगी। बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय को 50 कंपनियां दी गई हैं, जबकि बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय में 160 कंपनियां तैनात की जाएंगी। हावड़ा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 147 और शहरी पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र के लिए 110 कंपनियां तैनात होंगी।
कृष्णानगर में 158 कंपनियां की जाएंगी तैनात
नदिया जिले के कृष्णानगर में 158 और रानाघाट में 127 कंपनियां तैनात की जाएंगी। चंदननगर पुलिस आयुक्तालय में 83 और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय में 13 कंपनियां तैनात करने की योजना है। चुनाव आयोग ने खासतौर पर संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। जानकारी के मुताबिक मतदान समाप्त होने के बाद भी करीब 500 कंपनियां राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
महिला बलों की बड़ी तैनाती
इस बार बड़ी संख्या में महिला अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। करीब 200 कंपनियों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संभाल सकें। इन बलों को पोस्ट-पोल यानी मतदान के बाद भी तैनात रखा जाएगा।
Written By Toshi Shah