ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को मशहद स्थित इमाम रजा की दरगाह में पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ दफनाया गया। अंतिम यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों के हाथों में ईरानी झंडे, खामेनेई की तस्वीरें और विभिन्न संदेश लिखे पोस्टर दिखाई दिए। कई स्थानों पर अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे भी लगाए गए।

कई शहरों से होकर गुजरी अंतिम यात्रा

खामेनेई के पार्थिव शरीर को दफनाने से पहले कई धार्मिक स्थलों पर ले जाया गया। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया तेहरान से शुरू हुई, जिसके बाद कोम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहां श्रद्धांजलि और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। वहां से पार्थिव शरीर को वापस मशहद लाया गया और इमाम रजा की दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच हुआ अंतिम संस्कार

खामेनेई का अंतिम संस्कार ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का संचालन ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार करेगा और किसी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान पर हमला किया गया तो उसका जवाब भी दिया जाएगा।

बंदर अब्बास के तटीय क्षेत्र में सुनाई दिए धमाके

गुरुवार दोपहर ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के तटीय इलाके में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, ये घटनाएं स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब दो बजे हुईं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, यह गतिविधियां फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास चल रही सैन्य कार्रवाई या गोलीबारी से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, इन धमाकों के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

 

 

Written By Toshi Shah