Atal Bihari Vajpayee Famous Quote in Hindi: भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज पुण्यतिथि है। देश उन्हें एक महान राजनेता, कुशल वक्ता और संवेदनशील कवि के रूप में याद कर रहा है। राजनीति के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अटल जी का व्यक्तित्व जितना प्रभावशाली था, उतना ही सरल और आत्मीय उनका निजी जीवन भी था।
16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेयी ने अंतिम सांस ली थी। उनके विचार, भाषण और कविताएं आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं। अटल जी की राजनीति में जहां दृढ़ता दिखाई देती थी, वहीं निजी जीवन में उनका अंदाज बेहद सहज और मजाकिया था।
कविता में थी अलग पहचान
अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि उनकी पहचान एक शानदार कवि के रूप में भी थी। उनकी कविताओं में देशभक्ति, संघर्ष, उम्मीद और जीवन के अनुभवों की झलक मिलती है।उनका भाषण सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे। विपक्ष के नेता भी उनकी वाणी और व्यक्तित्व के कायल थे। अटल जी ने भारतीय राजनीति में संवाद और सहमति की एक अलग परंपरा स्थापित की।अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा लोकतंत्र की मजबूती और देशहित को सबसे ऊपर रखा। उनके कई विचार आज भी राजनीति और समाज के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं।उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है और उनके योगदान को याद कर रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी के कुछ अनमोल विचार | Atal bihari vajpayee Quotes in Hindi | Atal bihari Vajpayee Ke Anmol Vichar
- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।- अटल बिहारी वाजपेयी
- सरकारें आएंगी, जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगड़ेंगी मगर ये देश रहना चाहिए.’ भाव- चूंकि देश सर्वोपरि है और एक राजनेता को अव्व्ल अपने देश के लिए पूरी निष्ठा से काम करना चाहिए। - अटल बिहारी वाजपेयी
- कंधे-से-कंधा लगाकर, कदम-से-कदम मिलाकर हमें अपनी जीवन-यात्रा को ध्येय-सिद्धि के शिखर तक ले जाना है. भावी भारत हमारे प्रयत्नों और परिश्रम पर निर्भर करता है. हम अपना कर्तव्य पालन करें, हमारी सफलता सुनिश्चित है।-अटल बिहारी वाजपेयी
- इतिहास में हुई भूल के लिए आज किसी से भी बदला लेने का समय नहीं है,लेकिन उस भूल को ठीक करने का सवाल है।-अटल बिहारी वाजपेयी
- क्यों मैं क्षण-क्षण में जियुं? कण-कण में बिखरे सौंदर्य को पियूं?गरीबी बहुआयामी है यह हमारी कमाई के अलावा, स्वास्थ्य राजनीतिक भागीदारी, और हमारी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति पर भी असर डालती है।-अटल बिहारी वाजपेयी
- इस देश में कभी मजहब के आधार पर, मत-भिन्नता के उगधार पर उत्पीड़न की बात नहीं उठी, न उठेगी, न उठनी चाहिए.भारत कोई इतना छोटा देश नहीं है कि कोई उसको जेब में रख ले और वह उसका पिछलग्गू हो जाए । हम अपनी आजादी के लिए लड़े, दुनिया की आजादी के लिए लड़े।-अटल बिहारी वाजपेयी
- जीत और हार जीवन का एक हिस्सा है, जिसे समानता के साथ देखा जाना चाहिए.राष्ट्र कुछ संप्रदायों अथवा जनसमूहों का समुच्चय मात्र नहीं, अपितु एक जीवमान इकाई है.मैं चाहता हूं भारत एक महान राष्ट्र बने, शक्तिशाली बने, संसार के राष्ट्रों में प्रथम पंक्ति में आए। -अटल बिहारी वाजपेयी
- अगर भारत धर्मनिरपेक्ष नहीं है, तो भारत बिल्कुल भारत नहीं है.देश एक रहेगा तो किसी एक पार्टी की वजह से एक नहीं रहेगा, किसी एक व्यक्ति की वजह से एक नहीं रहेगा, किसी एक परिवार की वजह से एक नहीं रहेगा । देश एक रहेगा तो देश की जनता की देशभक्ति की वजह से रहेगा ।-अटल बिहारी वाजपेयी
- भारतीयकरण एक नारा नहीं है. यह राष्ट्रीय पुनर्जागरण का मंत्र है. भारत में रहने वाले सभी व्यक्ति भारत के प्रति अनन्य, अविभाज्य, अव्यभिचारी निष्ठा रखें. भारत पहले आना चाहिए, बाकी सब कुछ बाद में।-अटल बिहारी वाजपेयी
- देश एक मंदिर है, हम पुजारी हैं. राष्ट्रदेव की पूजा में हमें अपने को समर्पित कर देना चाहिए .कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला हुआ यह भारत एक राष्ट्र है, अनेक राष्ट्रीयताओं का समूह नहीं।-अटल बिहारी वाजपेयी
Written By: Shivashakti Narayan Singh