AssamNews : देश के पूर्वोत्तर में स्थित असम राज्य में इस साल बाढ़ ने अपना रौद्र रूप दिखाया। कई जिलों में छोटी-छोटी नदियों में बाढ़ आने से हालात इस कदर बदतर हो गए कि लोगों के नुकसान कि कल्पना भी करना मुश्किल था। असम में आई बाढ़ के बाद कई नामचीन हस्तियों ने बढ़ चढ़कर अपनी तरफ से मदद पहुंचाई है। तो राजनीतिक चेहरों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल राज्य बारिश अभी भी लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी नीचे उतर रहा है। इसी बीच राहत बचाव कार्य के साथ ही पुनर्वास का काम भी लगातार जारी है। इसी के मद्देनजर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने शिक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।

क्या बोले CM हिमंत बिस्वा सरमा

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि,"राज्य सरकार ने मरम्मत के लिए 793 स्कूलों में हर एक को 2-2 लाख रुपये दिए हैं। जो कुल मिलाकर 15.86 करोड़ रुपये होते हैं और लगभग 90 प्रतिशत स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है। इसके साथ ही सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने मुझे बताया, 15 अगस्त के बाद सभी स्कूल फिर से खुल जाएंगे। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से छात्रों को एक बार की वित्तीय सहायता के तौर पर 1000 रुपये,3000 रुपये और 5000 रुपये जारी किए गए हैं। आज हमने बाढ़ से प्रभावित आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए वित्तीय सहायता जारी की है।"


शिक्षा मंत्री ने 15 अगस्त तक स्कूलों को फिर शुरू करने की कही थी बात

पूर्व में भी सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रधानमंत्री राहत कोश से भी मदद राशी शिक्षा के लिए दी है। बता दें कि असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने असम के सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित इलाकों शिवसागर,नजीरा और चराइदेव जिलों में व्यवस्थाओं को सही करके 15 अगस्त के बाद फिर से स्कूल खोले जाने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा तब स्कूलों में जरूरी मरम्मत कार्य पूरा होगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि बाढ़ प्रभावित 150 से भी ज्यादा स्कूलों में बाढ़ के पानी और कीचड़ व जमी हुई गाद को निकालना सबसे बड़ी चुनौती है। लेकिन 15 अगस्त तक इस काम को पूरा कर पाना एक थोड़ा मुश्किल साबित हो रहा है।

 

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Written By: Madhvi Tanwar