नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा कि किसी भी जनआंदोलन या सार्वजनिक समस्या का समाधान हिंसा के रास्ते से नहीं निकल सकता। उनके अनुसार लोकतंत्र में बातचीत, संवाद और शांतिपूर्ण तरीके ही बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
अहिंसा और संवाद से ही निकलेगा समाधान
अन्ना हजारे ने कहा कि हिंसा से किसी भी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जनता से जुड़े मुद्दों को चर्चा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने आंदोलनों में संयम और अहिंसा को जरूरी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध ही लोकतंत्र की सही पहचान है।
22 अनशन और अहिंसक आंदोलनों का दिया उदाहरण
उन्होंने अपने सामाजिक आंदोलनों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने जनहित के मुद्दों को लेकर अपने जीवन में 22 बार अनशन किए, लेकिन कभी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। अन्ना हजारे के मुताबिक, अनुशासित और अहिंसक आंदोलनों के कारण कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव हुए और देश में कई कानून बनाए गए।
सत्ता का लक्ष्य जनकल्याण होना चाहिए- अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने सरकार को भी सलाह दी कि जनता की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि लोगों के हित में सरकार को कुछ कदम पीछे हटने या अतिरिक्त प्रयास करने पड़ें, तो उसे जनकल्याण की भावना से करना चाहिए। सत्ता का उद्देश्य हमेशा जनता की भलाई होना चाहिए।
जीत-हार से ज्यादा जरूरी समाज का हित- अन्ना हजारे
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे में यह देखना ज्यादा जरूरी नहीं है कि किसकी जीत हुई या किसकी हार। असली प्राथमिकता समाज के हित और समस्याओं के समाधान की होनी चाहिए। उन्होंने फिर दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का सहारा लेना उचित नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान के पद से हटने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन कई दिनों से चल रहा था। प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी मांगों में शामिल किया था। इस्तीफे के बाद आंदोलन से जुड़े छात्रों ने दावा किया कि उनकी प्रमुख मांग पूरी हो गई है और इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
Written By Toshi Shah