Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में कृषि को पारंपरिक खेती से आगे ले जाकर फूड प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट से जोड़ने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल फसल उत्पादक नहीं, बल्कि उच्च आय वाले उद्यमी के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
एलुरु जिले के मुसुनुरु में आयोजित कार्यक्रम में नायडू ने कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग बढ़ाने, स्थानीय ब्रांड को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और राज्य में लंबे समय के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर भी मौजूद रहे।
40 हजार एकड़ में पॉपकॉर्न की खेती
नायडू ने नुजिवीडु के पास Gourmet Popcornica के नॉन-GMO हाइब्रिड मक्का बीज लॉन्च किए। नुजिवीडु में भारत का सबसे बड़ा पॉपकॉर्न प्रोसेसिंग प्लांट बताया गया है। इस क्षेत्र में करीब 40 हजार एकड़ में 17,500 किसान पॉपकॉर्न उगा रहे हैं। यहां उत्पादित पॉपकॉर्न घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहुंच रहा है। इससे ब्राजील जैसे देशों से पॉपकॉर्न आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।
रेलवे स्टेशनों पर बिकेंगे आंध्र के उत्पाद
राज्य सरकार प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आंध्र पॉपकॉर्न और अराकू कॉफी जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए विशेष रिटेल काउंटर शुरू करने की योजना बना रही है। इसके अलावा कोंडावीटी के पारंपरिक लकड़ी के खिलौनों जैसे उत्पादों को भी वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
रेयालसीमा में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश
नायडू ने बताया कि रेयालसीमा क्षेत्र को हाई-वैल्यू हॉर्टिकल्चर हब बनाने के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये के सार्वजनिक और निजी निवेश का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें मिर्च, हल्दी, मक्का और एक्वाकल्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को मजबूत किया जाएगा।
गोदावरी से कावेरी तक नदियों को जोड़ने की वकालत
मुख्यमंत्री ने देशभर में नदी जोड़ो परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की भी वकालत की। उन्होंने गोदावरी, कृष्णा, पेन्ना, तुंगभद्रा, कावेरी, गंगा और महानदी जैसी नदियों को आपस में जोड़ने की जरूरत बताई, ताकि कई राज्यों में सिंचाई और जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कृषि को आर्थिक विकास का प्रमुख आधार और किसानों को उद्यमी के रूप में देख रही हैं। इसी सोच के साथ आंध्र प्रदेश में खेती को पॉपकॉर्न से लेकर ग्लोबल एक्सपोर्ट तक एक नई आर्थिक श्रृंखला से जोड़ने की तैयारी है। कार्यक्रम में मंत्री नारा लोकेश, के. अच्चन्नायडू और कोलुसु पार्थसारथी भी मौजूद रहे।
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