अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के साथ तनाव कम करने और विवाद समाप्त करने में मदद मिलती है, तो वह ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई से मुलाकात को सम्मान की बात मानेंगे, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरानी नेतृत्व को लेकर उनकी राय अपेक्षाकृत सकारात्मक है।

खामेनेई को लेकर ट्रंप की प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या हालिया घटनाओं के बाद उन्हें लगता है कि मुज्तबा खामेनेई उनसे मिलने के इच्छुक नहीं होंगे। इस पर ट्रंप ने कहा कि संभव है खामेनेई उन्हें पसंद न करते हों, लेकिन उनके अनुसार ईरानी नेता एक अनुभवी और प्रभावशाली व्यक्ति हैं। ट्रंप ने कहा कि जैसे कुछ लोग खामेनेई की आलोचना करते हैं, वैसे ही कई लोग उनकी भी आलोचना करते हैं, इसलिए केवल नकारात्मक टिप्पणियों के आधार पर किसी की छवि नहीं बनाई जानी चाहिए।

परमाणु मुद्दे पर कायम है अमेरिका का रुख

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की प्रमुख मांग यह है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित या हासिल न करे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है, हालांकि कई मुद्दों पर मतभेद अभी भी मौजूद हैं। उनके अनुसार, वार्ता के माध्यम से समाधान की संभावना बनी हुई है, लेकिन नई शर्तों और असहमतियों के कारण अंतिम समझौते को लेकर अभी भी अनिश्चितता है।

होर्मुज पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट जल्द ही पूरी तरह खुल जाएगा, उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए बारूदी सुरंगों को हटाने का काम बड़े स्तर पर किया गया है और इस उद्देश्य के लिए आधुनिक पानी के भीतर काम करने वाली तकनीकों का उपयोग किया गया है।

किसी न किसी रूप में सफलता मिलेगी

ईरान के साथ चल रही वार्ता पर ट्रंप ने विश्वास जताते हुए कहा कि अमेरिका अपनी रणनीति में आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि परिणाम चाहे कूटनीतिक समझौते के रूप में सामने आए या किसी अन्य तरीके से, अमेरिका अपने उद्देश्यों को हासिल करने में सफल रहेगा।

 ईरान की ओर से उठे सवाल

दूसरी ओर, मुज्तबा खामेनेई के सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा कि युद्ध समाप्ति और समझौते से जुड़े प्रस्तावित ज्ञापन (MoU) के मसौदे में अभी कई महत्वपूर्ण बिंदु स्पष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार, जब तक सभी शर्तों और जिम्मेदारियों को साफ-साफ परिभाषित नहीं किया जाता, तब तक अंतिम सहमति तक पहुंचना मुश्किल होगा।

अमेरिका ईरान पर अपनी शर्तें स्वीकार करने बना रहा है दबाव- रेजाई

रेजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान पर अपनी शर्तें स्वीकार करने का दबाव बना रहा है, जबकि तेहरान की चिंताओं और प्रस्तावों को पर्याप्त स्पष्टता नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि ईरान चाहता है कि समझौते की हर शर्त पारदर्शी और लिखित रूप से तय हो, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना न रहे।

 

 

Written By Toshi Shah