पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। राज्य से बीजेपी विधायक और प्रख्यात अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का अगला उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। सुमन बेरी पहले इस स्थान पर थे, जिन्होंने मई 2022 में यह पद संभाला था और जिन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा प्राप्त है।
बालुरघाट से विधायक हैं लाहिड़ी
अशोक कुमार लाहिड़ी का नाम ऐसे समय में चर्चा में आया है जब बंगाल में बीजेपी और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बीच कड़ा राजनीतिक मुकाबला चल रहा है। फिलहाल वे बालुरघाट से विधायक हैं, हालांकि इस बार चुनावी मैदान में नहीं हैं, उनके अनुभव की बात करें तो वे भारत सरकार में 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं. उन्हें यह जिम्मेदारी दिसंबर 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान सौंपी गई थी, उन्होंने जून 2007 तक इस पद पर काम किया और इस दौरान मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भी अपनी सेवाएं जारी रखीं।
कहां से हुई है अशोक लाहिड़ी की पढ़ाई?
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो लाहिड़ी ने कोलकाता की प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यापन, शोध और प्रशासनिक भूमिकाएं निभाई हैं। वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, बंधन बैंक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी से भी जुड़े रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड में भी काम किया है।
कौन हैं गोबर्धन दास
इसी के साथ एक और नाम चर्चा में है। गोबर्धन दास को नीति आयोग का सदस्य बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वे एक वैज्ञानिक हैं और पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में कार्य कर चुके हैं, साथ ही वे IISER भोपाल के निदेशक भी रह चुके हैं। दास का संबंध बीजेपी से रहा है और उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूरबस्थली उत्तर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
Written By Toshi Shah