पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी आंदोलन ने गुरुवार को नया रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की कथित ज्यादतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत लोगों से बिजली, पानी और गैस के बिल जमा नहीं करने की अपील की गई है। साथ ही व्यापारियों से इनकम टैक्स का भुगतान रोकने को कहा गया है। अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य इम्तियाज असलम ने प्रदर्शन के दौरान इस फैसले की घोषणा की, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई के विरोध में यह कदम उठाया गया है, उन्होंने पीओके के कारोबारियों से भी अपील की कि वे तत्काल प्रभाव से इनकम टैक्स देना बंद करें।
अवामी एक्शन कमेटी की UN से दखल की मांग
आंदोलनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से भी मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। अवामी एक्शन कमेटी का कहना है कि पीओके एक विवादित क्षेत्र है और यहां जारी हालात पर संयुक्त राष्ट्र को 1948 के प्रस्तावों के संदर्भ में संज्ञान लेना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई और जरूरी खाद्य सामग्री की कथित रोक के कारण पाकिस्तान अपनी जिम्मेदारियां निभाने में विफल रहा है। कमेटी ने यह भी दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र के 1948 के प्रस्तावों के तहत जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह का प्रावधान था, लेकिन पाकिस्तान ने अब तक इसे लागू नहीं किया। आंदोलन के दौरान गुरुवार को मंढोल में महिलाओं ने भी प्रदर्शन किया, जबकि रावलाकोट में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।
रावलाकोट में 27 जुलाई से जारी प्रदर्शन ने पकड़ा जोर
रावलाकोट में आंदोलन का केंद्र चिनार चौक और डी चौक बना हुआ है, जहां 27 जुलाई से प्रदर्शनकारी जुटे हैं। भीड़ बढ़ने के कारण ईदगाह मैदान में भी एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। आयोजक सरदार उमर नजीर ने पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उसी तरह का व्यवहार पीओके में भी किया जा रहा है।
पीओके में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर उमर नजीर ने उठाए सवाल
उमर नजीर ने पीओके की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करीब 4,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लोगों के लिए पर्याप्त और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में बने बड़े अस्पतालों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा पीओके की तुलना में बेहतर है।
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Written By Toshi Shah