राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के सभी आठ सांसदों ने सोमवार, 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद सुप्रिया सुले भी शामिल थीं। बताया जा रहा है कि सांसदों ने अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े अहम मुद्दे प्रधानमंत्री के सामने रखे। बता दें कि बैठक में महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बाढ़ से पैदा हुई परिस्थितियों के साथ-साथ किसानों से जुड़े सवाल, फसलों के उचित दाम और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। प्रधानमंत्री की ओर से उनकी बातों को ध्यान से सुना गया और समस्याओं पर उचित स्तर पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।
PM मोदी से NCP-SP सांसदों की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल
यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है, जब संसद में विपक्ष के विरोध के चलते कामकाज प्रभावित है। विपक्ष की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से लाठीचार्ज के मुद्दे पर जवाब की मांग की जा रही है। इसके अलावा राम मंदिर चोरी मुद्दा भी विपक्ष लगातार उठा रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में NCP-SP सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात ने महाराष्ट्र के विपक्षी खेमे में चर्चा बढ़ा दी है। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की ओर से इस बैठक को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हालांकि, विपक्षी दलों की बैठक में सोमवार को सुप्रिया सुले की मौजूदगी भी दर्ज हुई। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा कि NCP-SP के सांसदों का प्रधानमंत्री से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने शरद पवार के NDA में जाने की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि उनकी जानकारी और समझ के मुताबिक पवार ऐसा कदम नहीं उठाएंगे।
कांग्रेस ने रखी महिला आरक्षण और परिसीमन पर राय
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि NCP-SP सांसदों को प्रधानमंत्री के सामने महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सावंत ने परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव का विरोध करने और INDIA ब्लॉक की एकजुटता का संदेश प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की बात भी कही। इससे पहले सुप्रिया सुले ने संसद की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा था कि सदन की कार्यवाही सामान्य तरीके से नहीं चल पा रही है। ऐसे में सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े कई जरूरी मुद्दे संसद में नहीं उठा पा रहे हैं। इसी वजह से महाराष्ट्र के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात का समय मांगा था। सुले के मुताबिक, सांसदों की कोशिश थी कि वे अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल सीधे प्रधानमंत्री के सामने रखें और उनके समाधान की दिशा में चर्चा करें।
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Written By Toshi Shah