करीब चार महीने पहले अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को अंतिम श्रद्धांजलि के लिए आम लोगों के दर्शनार्थ रखा गया। लंबे अंतराल के बाद अब उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई है। 3 जुलाई से 9 जुलाई तक उनका जनाजा ईरान और इराक के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगा, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंड ने भी शोक में लिया हिस्सा
भारत की ओर से भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद के अलावा भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने भी ईरान के राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा शामिल रहे। दोनों नेताओं ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसका वीडियो ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने साझा किया है।
तेहरान में लगभग डेढ़ से दो करोड़ लोग पहुंचेंगे
ईरान में खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारियां बड़े स्तर पर की गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान नगर प्रशासन के अधिकारी अमीन तवाकलिजादेह ने बताया कि 4 से 8 जुलाई के बीच आयोजित अंतिम यात्रा में देशभर से भारी संख्या में लोग पहुंचे है। बता दें कि राजधानी तेहरान में ही लगभग डेढ़ से दो करोड़ लोगों की संभावित मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
ईरान के राष्ट्रपति ने कही ये बात
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति ने भी नागरिकों से अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है, उन्होंने कहा कि देश अपने एक प्रमुख नेता को अंतिम विदाई देने जा रहा है और यह राष्ट्रीय एकजुटता दिखाने का अवसर है। फिलहाल पार्थिव शरीर को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है।
Written By Toshi Shah