गुजरात के अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 विमान हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में बताया है। यदि सभी संबंधित एजेंसियों की प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं। तो हादसे की जांच अगले करीब छह सप्ताह में पूरी होने की संभावना है। इसके बाद जांच से जुड़े सभी तकनीकी तथ्यों, सबूतों और विश्लेषण के आधार पर अक्टूबर 2026 तक ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।

जांच में सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का किया जा रहा पालन

AAIB ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि विमान हादसे की गंभीरता, तकनीकी जटिलता और व्यापक प्रभाव को देखते हुए जांच बेहद सावधानी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही है। ब्यूरो ने बताया कि भारतीय कानून के तहत विमान दुर्घटना जांच के लिए निर्धारित सभी 10 चरणों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ रही है ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का सही पता लगाया जा सके।

कॉकपिट रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में AAIB ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की ऑडियो रिकॉर्डिंग, विमान में मौजूद अन्य इमेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। ब्यूरो के अनुसार, भारतीय कानून और अंतरराष्ट्रीय विमानन नियम ऐसे संवेदनशील साक्ष्यों को सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं देते।

AAIB का बयान 

AAIB का कहना है कि इस गोपनीयता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गवाह बिना किसी दबाव के अपने बयान दे सकें, जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें और दुर्घटना की निष्पक्ष जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो। इसके अलावा भारत को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन मानकों और दायित्वों का भी पालन करना होता है।

शुरुआती जांच में क्या आया सामने?

AAIB की प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला था कि विमान के टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद हो गए थे। इसी वजह से विमान के इंजनों की शक्ति प्रभावित हुई और विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत तकनीकी जांच और सभी उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएंगे।

जून 2025 में हुआ था भीषण हादसा

यह दुर्घटना जून 2025 में उस समय हुई थी जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद विमान नियंत्रण खो बैठा और एयरपोर्ट के पास स्थित एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन से टकरा गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह नष्ट हो गया।

विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई। हादसे में मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में मौजूद 19 अन्य लोगों की भी जान चली गई। इस प्रकार इस दुर्घटना में 260 से अधिक लोगों की मौत हुई, जिसने इसे भारत के सबसे दर्दनाक विमान हादसों में शामिल कर दिया।

अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं सबकी निगाहें

अब देश और विमानन क्षेत्र की निगाहें AAIB की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर 2026 तक आने वाली ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट हादसे के वास्तविक कारणों, तकनीकी खामियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा सुधारों पर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएगी। इससे न केवल इस दुर्घटना के कारणों पर अंतिम स्पष्टता मिलेगी, बल्कि भारतीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भी अहम कदम उठाए जा सकेंगे।

Written By: Geeta Sharma