दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड में 22 लोगों की मौत के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की कार्यप्रणाली और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना की जांच के दौरान सामने आई जानकारियों ने फायर विभाग की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, विभाग लंबे समय से स्टाफ की कमी, पुराने संचार तंत्र और संसाधनों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।

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15 वर्षों से विभाग में बड़े स्तर पर भर्ती नहीं हुई

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली फायर सर्विस में फायर फाइटर के कुल 3,312 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 853 पद खाली पड़े हुए हैं। वहीं, स्टेशन ऑफिसर के 90 स्वीकृत पदों में केवल 18 पद ही भरे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इन पदों के लिए आखिरी सीधी भर्ती वर्ष 2011 में हुई थी। पिछले लगभग 15 वर्षों से विभाग में बड़े स्तर पर भर्ती नहीं होने के कारण मानव संसाधन की भारी कमी बनी हुई है।

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कई खामियों की पहचान के बाद भी सुधार नहीं हो पाया

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गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष 2011 में किए गए फायर रिस्क और इंफ्रास्ट्रक्चर असेसमेंट में भी दिल्ली के फायर फाइटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में कई खामियों की पहचान की गई थी। इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो पाया।

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DFS 1969 में शुरू किए गए वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम पर निर्भर

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जांच में यह भी सामने आया है कि DFS आज भी 1969 में शुरू किए गए वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम पर काफी हद तक निर्भर है। विभाग वर्तमान में 148.525 MHz और 148.725 MHz की दो VHF फ्रीक्वेंसी पर काम करता है। हालांकि समय-समय पर रेडियो उपकरणों को डिजिटल मोबाइल रेडियो में बदला गया है, लेकिन मूल संचार नेटवर्क में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। दिल्ली में तेजी से बढ़ती ऊंची इमारतों और शहरी विस्तार के बावजूद संचार व्यवस्था आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित नहीं हो सकी है।

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शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने AAP पर लगाए गंभीर आरोप

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इस मुद्दे पर दिल्ली के गृह एवं शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में फायर सर्विस को मजबूत करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए, जिसके कारण विभाग आज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। सूद के अनुसार, बड़ी संख्या में रिक्त पदों ने विभाग की कार्यक्षमता को प्रभावित किया है।

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'दिल्ली फायर सर्विस के आधुनिकीकरण पर काम कर रही सरकार'

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उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन रिक्तियों को भरने और दिल्ली फायर सर्विस के आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रही है। मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने और फायर सर्विस के आधुनिकीकरण की तत्काल आवश्यकता है।

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