म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण से जुड़े मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक ने तिहाड़ जेल में अपना भोजन स्वयं तैयार करने की अनुमति देने की मांग करते हुए दिल्ली की अदालत में याचिका दायर की है। उसका कहना है कि जेल में मिलने वाला भोजन अत्यधिक तेल और मसालों वाला है, जिसे वह अपनी खान-पान की आदतों के कारण नहीं खा पा रहा। उसके अनुसार, इससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है और उसका वजन भी काफी कम हो गया है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट को भेजा नोटिस

इस मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में हुई। अदालत ने याचिका पर एनआईए और तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 21 जुलाई को तय की गई है।

स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा

वैनडाइक की वकील रोहित डांडरियाल और रोहित गौर ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल 6 मई से जेल का नियमित भोजन नहीं खा रहा है। याचिका में दावा किया गया है कि इस दौरान उसका लगभग 14 किलोग्राम वजन घट गया है। साथ ही, पर्याप्त और उपयुक्त भोजन न मिलने के कारण उसे लगातार भूख, कमजोरी और पोषण की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हलफनामे में यह भी कहा गया है कि लंबे समय तक उचित भोजन न मिलने से उसकी दृष्टि प्रभावित हुई है, शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति में गिरावट आई है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

किन सुविधाओं की मांग की गई

याचिका में वैनडाइक ने अदालत से इंडक्शन स्टोव, खाना बनाने के बर्तन, कटोरे और प्लास्टिक चॉपर रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा उसने दाल, चिकन, रेड मीट, मछली, बिना पके नूडल्स और पास्ता, चावल, आलू, प्याज, बीन्स, ब्रेड, मक्खन, ऑलिव ऑयल, टोंड दूध, सोया मिल्क, बोतलबंद पानी, ताजी सब्जियां और लेमन पेपर सीज़निंग जैसी खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की अनुमति भी मांगी है। उसने अदालत को बताया है कि इन सभी वस्तुओं का खर्च उसका परिवार वहन करेगा।

न्यायिक हिरासत में बंद

मैथ्यू आरोन वैनडाइक फिलहाल तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है। अदालत पहले ही उसकी हिरासत 1 अगस्त तक बढ़ा चुकी है।

क्या है मामला?

एनआईए ने मार्च में मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को म्यांमार आतंकी प्रशिक्षण मामले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सभी आरोपी अवैध रूप से म्यांमार पहुंचे और वहां सक्रिय सशस्त्र समूहों को ड्रोन संचालन तथा युद्ध संबंधी प्रशिक्षण दिया। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

कौन हैं मैथ्यू आरोन वैनडाइक?

मैथ्यू आरोन वैनडाइक एक अमेरिकी नागरिक हैं, जिन्हें डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता, पूर्व पत्रकार और 'सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)' के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। यह संगठन विभिन्न संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सैन्य प्रशिक्षण देने के लिए चर्चित रहा है। वर्ष 2011 के लीबिया गृहयुद्ध के दौरान विद्रोही समूहों के साथ उनकी मौजूदगी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई थी। इसके बाद उनका नाम सीरिया और यूक्रेन जैसे संघर्ष क्षेत्रों से भी जुड़ता रहा।

 

 

Written By Toshi Shah