Delhi News: दिल्ली में आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को एंटी-करप्शन ब्रांच द्वारा गिरफ्तार कर राउज एवेन्यू कोर्ट लाया गया। सत्येंद्र जैन समेत दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
टेंडर की शर्तों में हेरफेर, घोटालों के लगे आरोप
आम आदमी पार्टी के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) को बेहतर बनाने/अपग्रेड करने की टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, टेंडर की शर्तों में हेरफेर, घोटालों और आपराधिक साजिश के लगे आरोपों तहत गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली जल बोर्ड कथित घोटाला मामले में ACB द्वारा गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने गिरफ्तारी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर कहा, "यह पंजाब चुनावों की वजह से किया गया है।"
rn#WATCH दिल्ली जल बोर्ड के कथित घोटाले के मामले में ACB द्वारा गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, "यह पंजाब चुनावों की वजह से किया गया है।" pic.twitter.com/agH0Se3klp
rn— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 19, 2026
कौन कौन गिरफ्तारी की जद में आया
दिल्ली में ACB दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ-साथ उदित प्रकाश राय (IAS, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO), अंकित श्रीवास्तव (दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट), नागेंद्र यादव (M/s AN एंटरप्राइजेज के मालिक), राजा कुमार कुर्रा (M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक) और पंकज वर्मा (M/s सृजनहार के मालिक) को भी राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर रही है। इन्हें ACB की उस FIR के तहत गिरफ्तार किया गया है जो 11 मई 2024 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धाराओं 7, 7A, 9, 13 और IPC की धाराओं 42, 409, 418, 120-B के तहत दर्ज की गई थी।
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क्या बोले संयुक्त पुलिस आयुक्त
संयुक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के मुताबिक यह मामला सतर्कता निदेशालय द्वारा दायर एक औपचारिक शिकायत से जुड़ा है। इसमें दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लॉटों के संवर्धन और उन्नयन के लिए निविदा प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं, निविदा मानदंडों में हेरफेर और अवैध मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
निविदा मानदंड में कई नियमों में हुआ फेरबदल
हिरासत में लिए गए अन्य चार लोगों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नाग्रेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट के मालिक राजा कुमार कुर्रा और श्री जनहार के मालिक पंकज वर्मा है। एसीबी की जांच में खुलासा हुआ है कि निविदा मानदंड इस तरह से तैयार किए गए थे कि वे तय किए गए नियमों को अनिवार्य बना दें जो यूरोटेक एनवायरनमेंट के पक्ष में हों, जिससे सभी को आगे बढ़ने से रोका गया।
सार्वजनिक खजाने पर पड़ा भारी बोझ
इस गिरफ्तारी को लेकर एसीबी की जांच में आरोपों के तहत आवश्यक अपशिष्ट जल मापदंडों को नजरअंदाज किया गया। एक अनिवार्य पायलट अध्ययन को दरकिनार किया गया। अचानक तकनीकी विशिष्टताओं में बदलाव किए गए, जिससे सार्वजनिक खजाने पर भारी बोझ डालकर निजी संस्था को महत्वपूर्व अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया जा सके। इतना ही नहीं उदित प्रकाश राय ने तत्कालीन डीजेबी सीईओ के रुप में नागेंद्र यादव की फर्म एएन एंटरप्राइजेज के जरिए बैंकिंग सेक्टर से 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत प्राप्त की थी, जिसमें प्रारंभिक धनराशी यूरोटेक से आई थी।
क्या फिर से जेल जाएंगे सत्येंद्र जैन
गौरतलब है कि पूर्व में भी 31 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए सत्येंद्र जैन को तकरीबन डेढ साल जेल में ही बिताने पड़े थे। उन्हें 18 अक्टूबर 2024 को जमानत मिल गई थी। लेकिन एक बार फिर हुई इस गिरफ्तारी की आंच के सत्येंद्र जैन खुद को जेल जाने से बचा पाएंगे या फिर एक बार जेल की सलाखे उनका इंतजार कर रही हैं।
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Written By: MADHVI TANWAR