RJD नेता तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मार्च को राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि बिहार सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, लेकिन विपक्ष अपनी राजनीति चमकाने के लिए सड़कों पर उतर रहा है।
गिरिराज सिंह ने झारखंड में छात्रों से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां छात्रों के साथ अन्याय होने के बावजूद तेजस्वी यादव ने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। गिरिराज सिंह के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि झारखंड में अपने ही गुट की सरकार के कथित पाप को छिपाना था।
'सड़कें जाम कर आम जनता को परेशान करना बंद करें'
केंद्रीय मंत्री ने तेजस्वी यादव के मार्च को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार में सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। इसके बावजूद अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए तेजस्वी अचानक सक्रिय हो गए और पटना की सड़कों पर मार्च निकालने लगे। उन्होंने इसे आम जनता को परेशान करने वाली राजनीति बताते हुए ऐसी गतिविधियों को बंद करने की नसीहत दी। गिरिराज सिंह के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने भी तेजस्वी यादव के मार्च को लेकर आरजेडी पर निशाना साधा।
झारखंड में छात्रों के साथ अन्याय हुआ, तो तेजस्वी यादव जी ने कहा "बाद में बात करेंगे!" क्यों? क्योंकि वहाँ अपने ही गुट की सरकार का पाप छुपाना था।
— Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) August 19, 2026
बिहार में जब सरकार पूरी पारदर्शिता से काम कर रही है, तब अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए अचानक नींद से जागकर पटना की सड़कें जाम कर रहे…
संजय सरावगी ने बताया असफल कोशिश
बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी लोकभवन मार्च को लेकर तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मार्च जनसमर्थन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव के राजनीतिक करियर को बचाने की एक और असफल कोशिश है। सरावगी का दावा है कि मार्च के दौरान न तो छात्रों का पर्याप्त समर्थन दिखाई दिया, न आम जनता का उत्साह नजर आया और न ही आरजेडी कार्यकर्ताओं में खास जोश दिखा। उन्होंने इसे आरजेडी और तेजस्वी यादव की घटती राजनीतिक स्वीकार्यता का संकेत बताया।
रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर बीजेपी का पलटवार
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार के युवा रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर अवसर और विकसित बिहार चाहते हैं। उनके मुताबिक, केवल सरकार के खिलाफ नारे लगाने और मार्च निकालने से जनता का विश्वास दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने तेजस्वी यादव से सवाल किया कि उन्हें जनता के बीच जाकर अपने कार्यकाल, वादों और राजनीतिक विजन का हिसाब देना चाहिए। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता में रहते हुए युवाओं, किसानों, महिलाओं, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में किए गए ठोस कार्यों का जवाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
'मार्च की राजनीति से वापस नहीं मिलेगा भरोसा'
बीजेपी का कहना है कि राजनीति में जनता के बीच लगातार काम करके विश्वास हासिल करना पड़ता है। केवल विरोध प्रदर्शन और आरोपों के जरिए राजनीतिक स्वीकार्यता वापस नहीं पाई जा सकती। तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच यह सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है।
Written By: Geeta Sharma